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परिणाम रोकने के लिए एसटीएफ ने लिखे थे तीन पत्र
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प्रयागराज। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम रोकने के लिए एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को तीन पत्र जारी किए थे, लेकिन आयोग ने इन पत्रों को दरकिनार कर रिजल्ट घोषित कर दिया। एलटी ग्रेड शिक्षकों के 10768 पदों पर भर्ती होनी है, जिसमें 1300 से अधिक पदों के परिणाम आयोग ने घोषित किए हैं और ये सभी परिणाम एसटीएफ की ओर से परीक्षा परिणाम रोके जाने संबंधी पत्र जारी होने के बाद घोषित किए गए।
इन तीन पत्रों के अलावा एसटीएफ की ओर से पहला पत्र चार जनवरी 2019 को आयोग के सचिव को भेजा गया, जिसमें उन 50 अभ्यर्थियों के नाम शामिल थे, जिन पर नकल करने का आरोप लगा था। एसटीएफ ने आयोग से इनसे संबंधित सूचना मांगी थी। इसके बाद आठ फरवरी, 12 फरवरी और 25 फरवरी को एसटीएफ ने आयोग के सचिव को तीन अलग-अलग पत्र भेजे, जिसमें कहा गया कि एसटीएफ एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच कर रही है, इसलिए जांच पूरी होने तक परीक्षा परिणाम विलंबित रखा जाए। इतना कुछ होने के बाद भी एसटीएफ के पत्र को दरकिनार कर दिया गया और आयोग ने 16 मार्च 2019 को संगीत पुरुषा शाखा में आठ और कृषि विषय में 19 पदों का पहला चयन परिणाम जारी कर दिया। इसके बाद लगातार रिजल्ट जारी जाते रहे और आयोग में एसटीएफ का छापा पड़ने तक सात विषयों में 1343 पदों का परिणाम घोषित किया जा चुका था।
आयोग ने इन चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखों के सत्यापन का कार्यक्रम भी जारी कर दिया था, ताकि उनकी नियुक्ति की संस्तुति शासन को भेजी जा सके। अब सवाल उठ रहे हैं कि आयोग ने इस मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया और रिजल्ट जारी करने में जल्दबाजी क्यों की। आयोग ने एसटीएफ को परीक्षा संबंधी दस्तावेज देने से भी इनकार कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट में आयोग की याचिका निरस्त होने के बाद अब आयोग को परीक्षा संबंधी दस्तावेज एसटीएफ को सौंपने होंगे। साथ ही बदली परिस्थितियों में आयोग के लिए एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के बाकी विषयों का रिजल्ट जारी करना भी मुश्किल होगा।
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इन तीन पत्रों के अलावा एसटीएफ की ओर से पहला पत्र चार जनवरी 2019 को आयोग के सचिव को भेजा गया, जिसमें उन 50 अभ्यर्थियों के नाम शामिल थे, जिन पर नकल करने का आरोप लगा था। एसटीएफ ने आयोग से इनसे संबंधित सूचना मांगी थी। इसके बाद आठ फरवरी, 12 फरवरी और 25 फरवरी को एसटीएफ ने आयोग के सचिव को तीन अलग-अलग पत्र भेजे, जिसमें कहा गया कि एसटीएफ एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच कर रही है, इसलिए जांच पूरी होने तक परीक्षा परिणाम विलंबित रखा जाए। इतना कुछ होने के बाद भी एसटीएफ के पत्र को दरकिनार कर दिया गया और आयोग ने 16 मार्च 2019 को संगीत पुरुषा शाखा में आठ और कृषि विषय में 19 पदों का पहला चयन परिणाम जारी कर दिया। इसके बाद लगातार रिजल्ट जारी जाते रहे और आयोग में एसटीएफ का छापा पड़ने तक सात विषयों में 1343 पदों का परिणाम घोषित किया जा चुका था।
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आयोग ने इन चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखों के सत्यापन का कार्यक्रम भी जारी कर दिया था, ताकि उनकी नियुक्ति की संस्तुति शासन को भेजी जा सके। अब सवाल उठ रहे हैं कि आयोग ने इस मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया और रिजल्ट जारी करने में जल्दबाजी क्यों की। आयोग ने एसटीएफ को परीक्षा संबंधी दस्तावेज देने से भी इनकार कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट में आयोग की याचिका निरस्त होने के बाद अब आयोग को परीक्षा संबंधी दस्तावेज एसटीएफ को सौंपने होंगे। साथ ही बदली परिस्थितियों में आयोग के लिए एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के बाकी विषयों का रिजल्ट जारी करना भी मुश्किल होगा।
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