Prayagraj : व्हाट्सएप, सिग्नल एप पर असलहों की ऑनलाइन तस्करी, एसटीएफ ने किया भंडाफोड़
व्हाट्सएप और सिग्नल एप के जरिये असलहों की ऑनलाइन तस्करी के खेल का भंडाफोड़ मंगलवार को हुआ। मप्र से संचालित हो रहे इस खेल में शामिल एक युवक को पांच सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया।
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व्हाट्सएप और सिग्नल एप के जरिये असलहों की ऑनलाइन तस्करी के खेल का भंडाफोड़ मंगलवार को हुआ। मप्र से संचालित हो रहे इस खेल में शामिल एक युवक को पांच सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में खुलासा हुआ है कि एप आईडी पर ऑनलाइन ऑर्डर देने के बाद असलहों की डिलीवरी नजदीकी लोकेशन पर कराई जाती थी।
युवक को कीडगंज में मिंटो पार्क के सामने नए पुल के नीचे सोमवार को गिरफ्तार किया गया। उसने अपना नाम आलोक सिंह निवासी वीरापुर, थाना सोरांव बताया। उसके पास से मोबाइल फोन, आधार कार्ड की छायाप्रति और 200 रुपये नकद भी बरामद हुए।
मध्य प्रदेश से करता था हथियारों की सप्लाई
एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से पिस्टल खरीदता था। इस रैकेट का सरगना वहां का सरदारजी है। व्हाट्सएप और सिगनल जैसे मोबाइल एप के जरिये ग्राहक उससे संपर्क करते हैं और फिर वह असलहों का ऑनलाइन ऑर्डर लेकर मप्र के ही कुछ जनपदों तक डिलीवरी भी कराता है। पकड़े गए युवक ने बताया कि उसे अभी इंदौर में असलहों की डिलीवरी मिली थी। जिसके बाद वह खेप लेकर बस से प्रयागराज आया था।
एक पिस्टल पर 15 से 25 हजार का मुनाफा
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि एक पिस्टल बेचने पर उसे 15 से 25 हजार का फायदा होता था। सरदारजी से वह 25 हजार में पिस्टल खरीदता था। इसके बाद उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में इसे 40 से 50 हजार रुपये में बेचता था। पहले भी वह कई बार पिस्टल व अन्य असलहे ला चुका है। एसटीएफ का कहना है कि यह गिरोह संगठित रूप से अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय है।
लंबे समय से मिल रही थी सूचना
एसटीएफ अफसरों का कहना है कि लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि यूपी में मध्य प्रदेश से अवैध हथियारों की खेप आ रही है। इस पर अयोध्या फील्ड यूनिट को सतर्क किया गया था। उप निरीक्षक जावेद आलम सिद्दीकी के नेतृत्व में एसटीएफ टीम प्रयागराज में गश्त कर रही थी। सटीक सूचना पर मिंटो पार्क के पास दबिश देकर आरोपी को पकड़ा गया। उसे अग्रिम कार्रवाई के लिए कीडगंज थाने के सुपुर्द कर दिया गया है।
एमपी से असलहा तस्करी का पहला मामला नहीं
मध्य प्रदेश से अवैध पिस्टल व तमंचों की तस्करी का यह जिले में पहला मामला नहीं है। सात अप्रैल को नैनी में ऐसे ही गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किए गए थे। वह प्रयागराज के साथ आसपास के जनपदों में असलहों की सप्लाई करते थे। उनके कब्जे से 10 पिस्टल, दो तमंचे व आठ मैगजीन बरामद की गई थीं। जांच में यह बात सामने आई थी कि पकड़े गए युवक खानपुर, मेजा के विपिन दुबे से 26 हजार में पिस्टल व 3,500 में तमंचे खरीदते थे। यह भी बताया कि विपिन मप्र के खंडवा से पिस्टल, तमंचे, कारतूस व मैगजीन लाता था। हालांकि, उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।