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Allahabad High Court : अध्यापकों से वसूली और निलंबन के आदेश पर रोक, राज्य सरकार से मांगा जवाब
Fri, 21 Oct 2022 09:50 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 21 Oct 2022 09:50 PM IST
सार
यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने महेश कुमार गुप्ता की याचिका पर दिया है। याची की ओर से कहा गया कि नौ दिसंबर 2000 के शासनादेश में अध्यापकों की नियुक्ति का अनुमोदन करने का अधिकार क्षेत्रीय स्तरीय कमेटी को है, बशर्ते कोर्ट का आदेश न हो।
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allahabad high court
- फोटो : social media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किदवई नगर, कानपुर के कौशल्या देवी बालिका इंटर कॉलेज के चार अध्यापकों की नियुक्ति में कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने के आरोप में अध्यापकों के निलंबन तथा धन की वसूली पर रोक लगा दी है। राज्य सरकार से याचिका पर छह सप्ताह में जवाब मांगने सहित विभागीय जांच कार्रवाई नियमानुसार पूरी करने तथा याचियों को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई 21 दिसंबर को होगी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने महेश कुमार गुप्ता की याचिका पर दिया है। याची की ओर से कहा गया कि नौ दिसंबर 2000 के शासनादेश में अध्यापकों की नियुक्ति का अनुमोदन करने का अधिकार क्षेत्रीय स्तरीय कमेटी को है, बशर्ते कोर्ट का आदेश न हो। याची के मामले में कोर्ट ने शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया था। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को चेतावनी देते हुए अनुमोदन करने का आदेश दिया था, जिस पर निरीक्षक ने नियुक्ति का अनुमोदन कर दिया। आदेश शासनादेश की शर्तों के अनुरूप है। इसलिए वसूली तथा निलंबन आदेश रद्द किया जाय।
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मालूम हो कि जिला विद्यालय निरीक्षक ने कॉलेज प्रबंध समिति को चार अध्यापकों की नियुक्ति करने की अनुमति दी। विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए नियुक्ति कर अनुमोदन के लिए निरीक्षक को पत्रावली भेजी गई। कोई निर्णय न होने पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए शिक्षा निदेशक को निर्णय लेने का आदेश दिया।
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निदेशक ने जिला विद्यालय निरीक्षक को कोर्ट के आदेश का पालन करने का निर्देश दिया, जिसका पालन किया गया किंतु बाद में शासनादेश का हवाला देते हुए निरीक्षक के आदेश को प्रक्त्रिस्या के विपरीत अवैध करार देते हुए निलंबित कर वसूली आदेश जारी किया गया। इसे चुनौती दी गई है।