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हाईकोर्ट : चित्रकूट के अपर आयुक्त के खिलाफ विभागीय कार्यवाही पर रोक, सरकार से जवाब तलब
Sun, 31 Dec 2023 04:53 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 31 Dec 2023 04:53 PM IST
सार
अधिवक्ता का कहना है कि याची वरिष्ठ प्रशानिक अधिकारी है। वर्तमान में चित्रकूट धाम मंडल में अपर आयुक्त प्रशासन के पद पर तैनात है। उसने लखनऊ में अपर जिलाधिकारी रहते हुए उसने न्यायिक हैसियत से आदेश पारित किया है, जिसके परिणामस्वरूप ग्राम सभा की भूमि संक्रमणीय घोषित हुई है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चित्रकूट धाम मंडल के अपर आयुक्त (प्रशासन) अमर पाल सिंह के खिलाफ विभागीय कार्यवाही पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है। साथ ही मामले में सरकार से जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार की अदालत ने याची अपर आयुक्त अमर पाल सिंह की ओर से विभागीय कार्यवाही को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
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मामला लखनऊ में अपर जिलाधिकारी के रूप में तैनाती के दौरान का है। आरोप है कि याची अधिकारी ने सरोजिनी नगर स्थित डिफेंस कॉरिडोर के लिए भू-अधिग्रहण की कार्यवाही में करोड़ों रुपये सरकारी धन को क्षति पहुंचाने की मंशा से ग्रामसमाज की भूमि को हेराफेरी कर संक्रमणीय भूमि घोषित कर दिया, जिसके कारण सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था।
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स्थानीय वकील विनय दुबे और शोभित शुक्ला की ओर से की गई शिकायत के आधार पर याची को निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू की गई थी। प्रारंभिक जांच के लिए लखनऊ के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने आख्या पेश की थी। कमेटी ने याची को आरोप पत्र देकर विभागीय कार्यवाही शुरू की है। इसके बाद याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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अधिवक्ता का कहना है कि याची वरिष्ठ प्रशानिक अधिकारी है। वर्तमान में चित्रकूट धाम मंडल में अपर आयुक्त प्रशासन के पद पर तैनात है। उसने लखनऊ में अपर जिलाधिकारी रहते हुए उसने न्यायिक हैसियत से आदेश पारित किया है, जिसके परिणामस्वरूप ग्राम सभा की भूमि संक्रमणीय घोषित हुई है। याची के न्यायिक कार्य के विरुद्ध दीवानी और फौजदारी मामले नहीं चलाए जा सकते।
याची के विरुद्ध शुरू की गई विभागीय कार्यवाही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अभय जैन में मामले में प्रतिपादित विधि व्यवस्था के विपरीत है। कोर्ट ने याची अधिकारी के खिलाफ शुरू विभागीय कार्यवाही पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाते हुए सरकार से आठ जनवरी तक जवाब तलब किया है।