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Prayagraj News: कर्मचारी और कंपनी के सेवा विवाद मामले में उपभोक्ता आयोग की कार्यवाही पर रोक
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कर्मचारी और कंपनी के बीच सेवा संबंधी विवाद में चल रही उपभोक्ता आयोग की आदेश पालन (एक्जीक्यूशन) की कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि यह विचारणीय प्रश्न है कि कर्मचारी और कंपनी के बीच सेवा संबंधी विवादों की सुनवाई उपभोक्ता आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है या नहीं।
यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने एम/एस तेज शू टेक की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। मामला आगरा का है। याची कंपनी के पूर्व कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने के बाद ग्रेच्युटी, भविष्य निधि (पीएफ) और वेतन से की गई कटौती के भुगतान की मांग को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दाखिल की थी। आयोग ने शिकायत स्वीकार करते हुए ग्रेच्युटी का भुगतान करने का आदेश दिया था। बाद में कर्मचारी ने सेवा संबंधी अन्य दावों को लेकर एक और शिकायत भी दायर की।
याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि कर्मचारी और कंपनी के बीच सेवा संबंधी विवाद उपभोक्ता संरक्षण कानून के दायरे में नहीं आते। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया इसे विचारणीय माना और प्रतिवादी को नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक एक्जीक्यूशन की कार्यवाही पर रोक रहेगी।
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यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने एम/एस तेज शू टेक की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। मामला आगरा का है। याची कंपनी के पूर्व कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने के बाद ग्रेच्युटी, भविष्य निधि (पीएफ) और वेतन से की गई कटौती के भुगतान की मांग को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दाखिल की थी। आयोग ने शिकायत स्वीकार करते हुए ग्रेच्युटी का भुगतान करने का आदेश दिया था। बाद में कर्मचारी ने सेवा संबंधी अन्य दावों को लेकर एक और शिकायत भी दायर की।
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याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि कर्मचारी और कंपनी के बीच सेवा संबंधी विवाद उपभोक्ता संरक्षण कानून के दायरे में नहीं आते। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया इसे विचारणीय माना और प्रतिवादी को नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक एक्जीक्यूशन की कार्यवाही पर रोक रहेगी।
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