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आदिवासियों को हक दिलाने को भरी हुंकार

Wed, 24 Jul 2019 01:03 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jul 2019 01:03 AM IST
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ST rights
ST rights - फोटो : CITY DESK
प्रयागराज। सोनभद्र में 10 लोगों की हत्या के विरोध में नागरिक समाज के बैनर तले मंगलवार को पीडी टंडन पार्क में जमावड़ा हुआ। लोगों ने भारतीय वन अधिनियम 1927 में संशोधन, षडयंत्र व राजद्रोह के कानून में गिरफ्तारियों के विरोध आदिवासियों को उनका हक दिलाने समेत अन्य मुद्दों को लेकर भी आवाज बुलंद की गई।
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प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से लोगों ने आदिवासियों को न उजाड़ने, वन अधिकार कानून 2006 एवं पेसा कानून को सख्ती से लागू करने की मांग की गई। एआईकेएमएस, एनबीएस, एसयूसीआई, आईसीएम, सीटू, एटक के बैनर तले जुटे लोगों ने सोनभद्र के उभ्भा गांव के सभी आदिवासियों, भूमिहीनों को जमीन का पट्टा दिए जाने, डीएम को निलंबित करने की मांग की। सभा में रविकिरन जैन, प्रोफेसर अली अहमद फातमी, हरिश्चंद्र द्विवेदी, नसीम अंसारी, आनंद मालवीय, मुस्तकीम, ओडी सिंह, केके राय, प्रोफेसर बल्लभ, अविनाश मिश्रा, डॉ. आशीष मित्तल, उत्पला, सीमा आजाद, हीरालाल, अंशु मालवीय, सुनील मौर्य आदि शामिल रहे।
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वहीं भाकपा नेताओं ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर आदिवासियों की सामूहिक हत्या पर रोष जताया। राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन के माध्यम से नसीम अंसारी, गिरधर गोपाल त्रिपाठी ने कहा कि ये हत्याएं पुलिस सांठगांठ का परिणाम हैं। क्षेत्र में दहशत बनी है, प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। वक्ताओं ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग उठाई। धरना-प्रदर्शन में रामसागर, मुन्ना मजदूर, आनंद मालवीय,मुस्तकीम अहमद, समर सिंह, शीतला प्रसाद, संतोष, सुधीर कुमार, मो. खालिद, शिव बाबू, श्रीनाथ, मुमताज अली आदि शामिल रहे।
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