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छेड़खानी की घटनाओं पर एसएसपी मेरठ से जवाब तलब
Sat, 30 Mar 2019 01:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 30 Mar 2019 01:20 AM IST
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- फोटो : PTI
छेड़खानी और महिलाओं के प्रति दूसरी आपराधिक घटनाओं के बढ़ने की शिकायत पर हाईकोर्ट ने मेरठ के एसएसपी और प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने कहा है कि 29 अप्रैल तक एसएसपी हलफनामा दाखिल कर बताएं कि छेड़खानी रोकने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं अन्यथा उनको स्वयं अदालत में हाजिर होना होगा।
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मेरठ के लोकेश खुराना की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका पर अधिवक्ता केके रॉय और चार्ली प्रकाश ने बहस की। कहा गया कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं के प्रति सबसे अधिक अपराध उत्तर प्रदेश में हो रहे हैं। इसमें महिला हिंसा, यौन उत्पीड़न और छेड़खानी जैसी घटनाएं शामिल हैं। डायल 1090 की रिपोर्ट के अनुसार छेड़खानी की घटनाएं सबसे अधिक मेरठ, इलाहाबाद (प्रयागराज), लखनऊ और कानपुर में हो रही हैं।
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याचिका में कई ऐसे उदाहरण भी दिए गए हैं कि छेड़खानी से तंग लड़कियों ने स्कूल जाना छोड़ दिया या फिर आत्महत्या कर ली। प्रदेश सरकार द्वारा गठित एंटी रोमियो स्क्वैड से आम आदमी ही ज्यादा परेशान हुआ है। असली गुनाहगारों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा गया कि ऐसी घटनाएं सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की भावना के विपरीत हैं, इसलिए छेड़खानी पर प्रभावी रोक लगाई जाए। याचिका पर 29 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी।
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