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एसएससी अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर से नियुक्ति पत्र जारी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 19 Feb 2018 01:46 AM IST
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कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर से नियुक्ति पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आया है। जालसाजों ने बिहार की एक छात्रा को अपना शिकार बनाया और नौकरी ज्वाइन कराने के लिए रकम की मांग की। छात्रा ने एसएससी मध्य क्षेत्र, इलाहाबाद कार्यालय आकर पूछताछ की तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएससी की ओर से जॉर्जटाउन थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
कुछ जालसाजों ने बिहार की छात्र जिज्ञासा भारती को एसएससी अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर से नियुक्ति पत्र जारी कर दिया था। उस पर ‘एमटीएस सीधी भर्ती’ लिखा हुआ था। छात्रा को एक एकाउंट नंबर दिया गया और कहा गया है कि संबंधित खाते में रकम जमा कर दें ताकि ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इलाहाबाद मध्य क्षेत्र, इलाहाबाद के तहत यूपी और बिहार आता है। छात्रा को शक हुआ तो उसने इलाहाबाद कार्यालय के पूछताछ काउंटर पर संपर्क किया। वहां छात्रा को बताया गया कि एसएससी की ओर से मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) की सीधी भर्ती नहीं की जाती है। वैसे भी इन दिनों एमटीएस की परीक्षा चल रही है।
फर्जी नियुक्ति पत्र के नीचे अध्यक्ष का नाम और उनका हूबहू हस्ताक्षर था। जांच की गई तो यह तथ्य सामने आया कि कुछ दिनों पहले अध्यक्ष के हस्ताक्षर से एक पत्र एसएससी की वेबसाइट पर जारी किया गया था। उसी हस्ताक्षर को स्कैन कर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएससी मध्य क्षेत्र के सहायक निदेशक (प्रशासन) बीपी श्रीवास्तव की ओर से जॉर्जटाउन थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। चर्चा है कि जालसाजों ने कुछ अन्य अभ्यर्थियों को भी अपना शिकार बनाया हो। हालांकि फर्जी नियुक्ति पत्र का एकमात्र यही मामला एसएससी तक पहुंचा है।
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कुछ जालसाजों ने बिहार की छात्र जिज्ञासा भारती को एसएससी अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर से नियुक्ति पत्र जारी कर दिया था। उस पर ‘एमटीएस सीधी भर्ती’ लिखा हुआ था। छात्रा को एक एकाउंट नंबर दिया गया और कहा गया है कि संबंधित खाते में रकम जमा कर दें ताकि ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इलाहाबाद मध्य क्षेत्र, इलाहाबाद के तहत यूपी और बिहार आता है। छात्रा को शक हुआ तो उसने इलाहाबाद कार्यालय के पूछताछ काउंटर पर संपर्क किया। वहां छात्रा को बताया गया कि एसएससी की ओर से मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) की सीधी भर्ती नहीं की जाती है। वैसे भी इन दिनों एमटीएस की परीक्षा चल रही है।
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फर्जी नियुक्ति पत्र के नीचे अध्यक्ष का नाम और उनका हूबहू हस्ताक्षर था। जांच की गई तो यह तथ्य सामने आया कि कुछ दिनों पहले अध्यक्ष के हस्ताक्षर से एक पत्र एसएससी की वेबसाइट पर जारी किया गया था। उसी हस्ताक्षर को स्कैन कर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएससी मध्य क्षेत्र के सहायक निदेशक (प्रशासन) बीपी श्रीवास्तव की ओर से जॉर्जटाउन थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। चर्चा है कि जालसाजों ने कुछ अन्य अभ्यर्थियों को भी अपना शिकार बनाया हो। हालांकि फर्जी नियुक्ति पत्र का एकमात्र यही मामला एसएससी तक पहुंचा है।
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