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Prayagraj News: गोपिकाओं के साथ श्रीकृष्ण की रासलीला ने मोहा मन
Sat, 13 Dec 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 13 Dec 2025 01:35 AM IST
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मेजा के गोसौरा कला में कथा करते कथा वाचक आचार्य राघवाचार्य जी महाराज। संवाद
गोसौरा कला में जगद्गुरू राघवाचार्य महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को रुक्मिणी विवाह और गोपिकाओं के साथ रासलीला की चर्चा की। इस दौरान गोपिकाओं के साथ रासलीला की झांकी भी निकाली गई।
जगद्गुरू राघवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण भगवान सभी राजाओं को पराजित कर देवी लक्ष्मी के रूप में रुक्मिणी का हरण कर विवाह किया था। वहीं रासलीला में शरद पूर्णिमा की रात गोपियों के साथ दिव्य महारास रचाया, जिसमें वे पति रूप में श्रीकृष्ण को पाने की इच्छा रखती थीं।
उन्होंने रुक्मिणी विवाह की चर्चा करते हुए कहा कि यह विवाह लक्ष्मी -नारायण के मिलन का प्रतीक है, जिसमें श्रीकृष्ण ने अपने भक्त के प्रेम की रक्षा की और सभी बाधाओं को दूर किया। मुख्य यजमान इन्द्रमणि मिश्र और दुर्गावती मिश्रा ने कथा का श्रवण किया। कथा के आयोजक हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुशील मिश्रा और डॉ. दुर्गावती मिश्रा ने आभार व्यक्त किया। कथा में नित्यानन्द उपाध्याय, मुन्नन शुक्ल, भोला गौतम, जटाशंकर शुक्ल, तुलसीदास तिवारी, हरिकृष्ण तिवारी, राजू पांडेय और आशीष मिश्रा मुन्ना आदि श्रोता उपस्थित रहे।
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जगद्गुरू राघवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण भगवान सभी राजाओं को पराजित कर देवी लक्ष्मी के रूप में रुक्मिणी का हरण कर विवाह किया था। वहीं रासलीला में शरद पूर्णिमा की रात गोपियों के साथ दिव्य महारास रचाया, जिसमें वे पति रूप में श्रीकृष्ण को पाने की इच्छा रखती थीं।
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उन्होंने रुक्मिणी विवाह की चर्चा करते हुए कहा कि यह विवाह लक्ष्मी -नारायण के मिलन का प्रतीक है, जिसमें श्रीकृष्ण ने अपने भक्त के प्रेम की रक्षा की और सभी बाधाओं को दूर किया। मुख्य यजमान इन्द्रमणि मिश्र और दुर्गावती मिश्रा ने कथा का श्रवण किया। कथा के आयोजक हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुशील मिश्रा और डॉ. दुर्गावती मिश्रा ने आभार व्यक्त किया। कथा में नित्यानन्द उपाध्याय, मुन्नन शुक्ल, भोला गौतम, जटाशंकर शुक्ल, तुलसीदास तिवारी, हरिकृष्ण तिवारी, राजू पांडेय और आशीष मिश्रा मुन्ना आदि श्रोता उपस्थित रहे।
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