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किसी का खेल बिगाड़ेंगे तो किसी का बनाएंगे छोटे दल
डा. अखिलेश मिश्र, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 24 Feb 2018 12:58 AM IST
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चुनावी समीकरण गड़बड़ाने में छोटे दलों और निर्दल की भूमिका कमतर नहीं होती। वे जीत भले ही कम पाएं लेकिन बड़े बड़ों का खेल बिगाड़ सकते हैं। इनकी वजह से बड़ी संख्या में वोटों के तितर बितर हो जाने के कारण नजदीकी परिणामों में उलटफेर हो सकते हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में सिर्फ 14578 वोटों से हार जीत हुई थी जबकि छोटे दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 60 हजार से अधिक वोट बांट लिए थे। जाहिर है कि अगर वोट न बंटते तो परिणाम कुछ और हो सकते थे। 2014 के चुनाव में भाजपा की लहर थी फिर भी तकरीबन 50 हजार वोट इन्हीं छोटे दलों और निर्दल ने बांट लिए थे। आंकड़े बता रहे हैं कि अगर हार जीत का अंतर कम रहा तो रिजल्ट प्रभावित हो सकता है। उप चुनाव में भी कुल 22 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें 10 छोटे दलों और 9 निर्दल हैं।
2014 के लोकसभा चुनाव में शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. मिलन मुखर्जी निर्दलीय मैदान में उतरे थे, वह 5652 मत लेकर निर्दलीयों में सबसे आगे रहे। इसी प्रकार आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी शिमला श्री 7369 मत लेकर सबसे आगे रहीं। इन प्रत्याशियों ने कांग्रेस, सपा, भाजपा के साथ बसपा जैसे दलों का मत प्रतिशत कम करने में प्रमुख भूमिका निभाई।
लोकसभा उपचुनाव में अतीक अहमद के निर्दलीय मैदान में आ जाने के बाद बड़ी पार्टियों के लिए परेशानी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि अतीक के मैदान में आने से बड़ी संख्या में वोट बंटेगा। इसलिए ही सपा और कांग्रेस ने उनके चुनाव लड़ने को भाजपा का खेल बताया। अतीक के अलावा भी 19 प्रत्याशी ऐसे हैं जो जीतें भले ही नहीं लेकिन वोट बांटने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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2014 लोकसभा चुनाव में दलों की स्थिति
- कपिल मुनि करवरिया -बसपा - 163710
- केशव प्रसाद मौर्य- भाजपा- 503564
- मो. कैफ- कांग्रेस- 58127
- धर्मराज सिंह पटेल- सपा- 195256
- ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव- एनसीपी- 2706
- गणेश जी त्रिपाठी-राष्ट्रीय बंधुत्व समाज पार्टी- 1111
- नाथूराम बौद्घ- बीएमयूपी- 1306
- परवेज अशफाक- निर्दलीय- 1302
- शिमला श्री- आप- 7369
- सुरेंद्र मिश्र- लोकदल- 1585
- जियाउल हक- निर्दलीय- 2187
- डॉ. नीरज- निर्दलीय- 2187
- विमलेश कुमार- निर्दलीय-3114
- मिलन मुखर्जी- निर्दलीय- 5652
- नोटा- 8424
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2014 के लोकसभा चुनाव में शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. मिलन मुखर्जी निर्दलीय मैदान में उतरे थे, वह 5652 मत लेकर निर्दलीयों में सबसे आगे रहे। इसी प्रकार आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी शिमला श्री 7369 मत लेकर सबसे आगे रहीं। इन प्रत्याशियों ने कांग्रेस, सपा, भाजपा के साथ बसपा जैसे दलों का मत प्रतिशत कम करने में प्रमुख भूमिका निभाई।
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लोकसभा उपचुनाव में अतीक अहमद के निर्दलीय मैदान में आ जाने के बाद बड़ी पार्टियों के लिए परेशानी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि अतीक के मैदान में आने से बड़ी संख्या में वोट बंटेगा। इसलिए ही सपा और कांग्रेस ने उनके चुनाव लड़ने को भाजपा का खेल बताया। अतीक के अलावा भी 19 प्रत्याशी ऐसे हैं जो जीतें भले ही नहीं लेकिन वोट बांटने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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2014 लोकसभा चुनाव में दलों की स्थिति
- कपिल मुनि करवरिया -बसपा - 163710
- केशव प्रसाद मौर्य- भाजपा- 503564
- मो. कैफ- कांग्रेस- 58127
- धर्मराज सिंह पटेल- सपा- 195256
- ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव- एनसीपी- 2706
- गणेश जी त्रिपाठी-राष्ट्रीय बंधुत्व समाज पार्टी- 1111
- नाथूराम बौद्घ- बीएमयूपी- 1306
- परवेज अशफाक- निर्दलीय- 1302
- शिमला श्री- आप- 7369
- सुरेंद्र मिश्र- लोकदल- 1585
- जियाउल हक- निर्दलीय- 2187
- डॉ. नीरज- निर्दलीय- 2187
- विमलेश कुमार- निर्दलीय-3114
- मिलन मुखर्जी- निर्दलीय- 5652
- नोटा- 8424