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एसएमएस से मिलेगी ट्रेनों की जानकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Tue, 24 Mar 2015 11:56 PM IST
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यात्रियों को अब ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे एसएमएस अलर्ट सुविधा देने जा रहा है। ट्रेन पहुंचने के आधा घंटे पहले यात्रियों के मोबाइल पर एसएमएस पहुंचेगा। हालांकि यह सुविधा केवल रिजर्वेशन वाले यात्रियों को ही मिलेगी। रेलवे इसे नेशनल ट्रेन इंन्क्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) से जोड़कर संचालित करेगा। हालांकि, कई रूटों पर एसएमएस प्रणाली उपयोगी साबित हो सकेगी, इसे लेकर सवाल भी उठ सकते हैं।
रेलवे यात्री सुविधाओं को बढ़ाने की तैयारी में है। अभी रिजर्वेशन टिकट में होने वाले बदलावों से यात्रियों को अलर्ट भेजकर अवगत कराया जाता है। नई कोशिश यह है कि ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण स्टेशन पर यात्रियों को घंटों न गुजारना पड़े। सेंटर फॉर रेलवे इन्फारमेशन सिस्टम इस दिशा में काम कर रहा है। नए रेल बजट में भी इसे शामिल करने के बाद योजना पर कार्य तेज हो गया है। रेलवे अफसरों का दावा है कि अगले पांच से छह महीने में यह सुविधा यात्रियों को मिलनी शुरू हो सकती है। इस प्रणाली को पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम से जोड़ना होगा, जिससे रिजर्वेशन के दौरान दर्ज कराए गए मोबाइल नंबरों पर ट्रेनों के आवागमन का अलर्ट मिल सके। रेलवे अफसरों का कहना है कि यात्रियों को दो एसएमएस मिलेंगे। पहला स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने के 15 मिनट और दूसरा 30 मिनट पहले।
एसएमएस अलर्ट की सुविधा यात्रियों के लिए मुफीद साबित हो सकती है लेकिन स्टेशन के करीब पहुंचने के बाद ट्रेनें दो-दो घंटे फंसी रह जाती हैं। मेजा से इलाहाबाद जंक्शन पहुंचने तक तीन घंटे, प्रयाग से दो घंटे, मनौरी-बमरौली से एक घंटे, जसरा से तीन घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। एनटीईएस भी इसे अपडेट नहीं कर पाता। ऐसे में एसएमएस से ट्रेनों की सही सूचना कैसे मिलेगी, यह बड़ा सवाल है।
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रेलवे यात्री सुविधाओं को बढ़ाने की तैयारी में है। अभी रिजर्वेशन टिकट में होने वाले बदलावों से यात्रियों को अलर्ट भेजकर अवगत कराया जाता है। नई कोशिश यह है कि ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण स्टेशन पर यात्रियों को घंटों न गुजारना पड़े। सेंटर फॉर रेलवे इन्फारमेशन सिस्टम इस दिशा में काम कर रहा है। नए रेल बजट में भी इसे शामिल करने के बाद योजना पर कार्य तेज हो गया है। रेलवे अफसरों का दावा है कि अगले पांच से छह महीने में यह सुविधा यात्रियों को मिलनी शुरू हो सकती है। इस प्रणाली को पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम से जोड़ना होगा, जिससे रिजर्वेशन के दौरान दर्ज कराए गए मोबाइल नंबरों पर ट्रेनों के आवागमन का अलर्ट मिल सके। रेलवे अफसरों का कहना है कि यात्रियों को दो एसएमएस मिलेंगे। पहला स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने के 15 मिनट और दूसरा 30 मिनट पहले।
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एसएमएस अलर्ट की सुविधा यात्रियों के लिए मुफीद साबित हो सकती है लेकिन स्टेशन के करीब पहुंचने के बाद ट्रेनें दो-दो घंटे फंसी रह जाती हैं। मेजा से इलाहाबाद जंक्शन पहुंचने तक तीन घंटे, प्रयाग से दो घंटे, मनौरी-बमरौली से एक घंटे, जसरा से तीन घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है। एनटीईएस भी इसे अपडेट नहीं कर पाता। ऐसे में एसएमएस से ट्रेनों की सही सूचना कैसे मिलेगी, यह बड़ा सवाल है।
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