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सीता की मौत पर रेलवे ने सुधारी चूक
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Wed, 27 May 2015 01:40 AM IST
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इलाहाबाद। जम्मूतवी जा रही मुरी एक्सप्रेस हादसे में जान गंवाने वाली सीता देवी (40) के मामले में रेलवे ने घटना के दूसरे दिन चूक सुधार ली। साथ ही तीन मृतकों की बात भी मान ली। सोमवार की देर रात में जारी सूची में सिर्फ दो ही मृतकों इलाहाबाद की मोहिनी देवी सेठी और पलामू के गोविंद कुमार राम के नाम ही रेलवे ने जारी किए थे। उधर, सीता की मौत रेलवे प्रशासन ने मान तो ली लेकिन उसी कोच में सवार उनकी बेटी सीमा और पुत्र विकास को देर रात तक घायलों की सूची में नहीं डाला गया। इससे दोनों को 20-20 हजार रुपये की सहायता राशि भी नहीं मिल सकी। अन्य घायलों को रेलवे ने 20-20 हजार रुपये सहायता राशि जारी कर दिए। दूसरे दिन घायलों की सूची में इलाहाबाद रेल मंडल के सिगनल विभाग में तैनात एके जैन की पत्नी नीतू जैन का नाम शामिल किया गया है। उन्हें हल्की चोट आई है। घायलों में तीन का इलाज रेलवे अस्पताल में किया जा रहा है।
मुरी एक्सप्रेस हादसे के बाद रेलवे और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का भी खुलासा हो रहा है। घटना के बाद यात्रियों की मदद करने के पहलेे ही स्थानीय लोग और पुलिस पहुंच चुकी थी। रेलवे के राहत और बचाव दल के पहुंचने के समय तक पुलिस ज्यादातर घायलों को अस्पतालों में भर्ती करा चुकी थी। तीनों मृतक भी स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जानकारी में थे लेकिन रेलवे के भारी-भरकम अमले को इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
रेलवे के कामर्शियल विभाग और चिकित्सा कर्मियों ने इसके लिए कोई जतन भी नहीं किया। मीडिया में तीन मौतों की बात सामने आने के बाद सीता देवी के शव को तलाशने का काम शुरू हुआ। बाद में एसडीएम और डिप्टी एसपी की स्वीकारोक्ति और लिखित दस्तावेज मुहैया कराए जाने के बाद रेलवे ने सीता देवी की मौत स्वीकार की। हालांकि, इसकी घोषणा में भी वक्त लगा। प्रेसवार्ता में भी दो यात्रियों की मौत होने की जानकारी दी गई। मीडिया के दबाव के बाद शाम चार बजे सीपीआरओ बिजय कुमार ने अफसरों से पुष्टि के बाद इस गलती का सुधार किया।
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मुरी एक्सप्रेस हादसे के बाद रेलवे और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय की कमी का भी खुलासा हो रहा है। घटना के बाद यात्रियों की मदद करने के पहलेे ही स्थानीय लोग और पुलिस पहुंच चुकी थी। रेलवे के राहत और बचाव दल के पहुंचने के समय तक पुलिस ज्यादातर घायलों को अस्पतालों में भर्ती करा चुकी थी। तीनों मृतक भी स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जानकारी में थे लेकिन रेलवे के भारी-भरकम अमले को इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
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रेलवे के कामर्शियल विभाग और चिकित्सा कर्मियों ने इसके लिए कोई जतन भी नहीं किया। मीडिया में तीन मौतों की बात सामने आने के बाद सीता देवी के शव को तलाशने का काम शुरू हुआ। बाद में एसडीएम और डिप्टी एसपी की स्वीकारोक्ति और लिखित दस्तावेज मुहैया कराए जाने के बाद रेलवे ने सीता देवी की मौत स्वीकार की। हालांकि, इसकी घोषणा में भी वक्त लगा। प्रेसवार्ता में भी दो यात्रियों की मौत होने की जानकारी दी गई। मीडिया के दबाव के बाद शाम चार बजे सीपीआरओ बिजय कुमार ने अफसरों से पुष्टि के बाद इस गलती का सुधार किया।
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