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वैट लागू होने के बाद से नहीं मिला रिफंड अब जीएसटी की तैयारी

Sun, 16 Oct 2016 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 16 Oct 2016 02:06 AM IST
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Since the introduction of VAT refunds not now preparing to GST
कुंडली ध्‍ान
इलाहाबाद। इलाहाबाद में तकरीबन दो हजारों व्यापारियों को वाणिज्य कर विभाग से पिछले नौ वर्ष से रिफंड नहीं मिला है। वैसे पूरे प्रदेश में यह संख्या कई हजार है। अब केंद्र सरकार अप्रैल 2017 में जीएसटी लागू करने की तैयारी में है। ऐसे में रिफंड के मद में बकाया करोड़ों रुपये व्यापारियों को वापस होगा, इसे लेकर संशय की स्थिति है। हालांकि वाणिज्य कर मुख्यालय से व्यापारियों के रिफंड के संबंध में आदेश जारी हो रहे हैं लेकिन अफसर इसे लेकर गंभीर नहीं हैं।
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दरअसल प्रदेश में वर्ष 2008 में वैट लागू होने के बाद इन व्यापारियों के टैक्स का डीम्ड एसेसमेंट हुआ। इसके लिए वार्षिक विवरण फॉर्म दाखिल करने के दौरान व्यापारियों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) कैरीफारवर्ड करने के बजाए, रिटर्न फॉर्म में ही रिफंड का कॉलम भरा। विभाग में अफसरों ने डीम्ड एसेसमेंट तो कर दिया लेकिन व्यापारियों को रिफंड अब तक नहीं मिला। अफसर कह रहे हैं कि मुख्यालय से इस संबंध में कोई आदेश नहीं है। सवाल यह है कि जब व्यापारी ने वार्षिक विवरण फॉर्म में रिफंड मांगा और अफसरों ने डीम्ड एसेसमेंट कर फाइल निस्तारित कर दी तो रिफंड क्यों नहीं किया गया? जबकि 90 दिन में रिफंड न होने पर 12 प्रतिशत की दर से ब्याज का भी प्रावधान है।
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सूत्रों के मुताबिक अफसरों ने डीम्ड एसेसमेंट के समय ही गड़बड़ी की। धारा 27 के तहत कर निर्धारण तो कर दिया गया लेकिन इससे संबंधित आदेश पारित नहीं किए गए। इसकी वजह से कितने व्यापारियों को रिफंड होना है यह पता करना मुश्किल हो गया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष कुमार का कहना है कि अफसरों ने डीम्ड एसेसमेंट में शुरू से ही लापरवाही की जिसका खामियाजा व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। उधर, वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश मेश्राम का कहना है कि अफसरों को रिफंड के संबंध में सूची तैयार कर कार्रवाई का आदेश दिया गया है। जल्द ही इसकी समीक्षा भी की जाएगी। 
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