श्रावण मास 2022 : पहले सोमवार पर प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर यातायात व्यवस्था ध्वस्त
आमतौर पर झूंसी से पंद्रह मिनट में शहर पहुंचने वाले लोग आज घंटों जाम के झाम में फंसे रहे। स्कूल के बच्चे रहे हों या फिर दफ्तर और दुकान जाने वाले दुकानदार, सभी जाम के झाम से कराह उठे थे। दोपहर डेढ़ बजे के बाद किसी तरीके से यातायात सुचारु हो सका।
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सावन माह में कांवड़ यात्रा के कारण प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर वन वे हुई ट्रैफिक व्यवस्था पहले सोमवार को पूरी तरह ध्वस्त रही। हाईवे पर झूंसी में अंदावा तिराहे से लेकर शास्त्री पुल तक सुबह से ही भीषण जाम लग गया। तकरीबन पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। दोपहर एक बजे तक हाईवे की एक लेन में दोनों ओर के वाहन रेंगते नजर आए। अंदावा तिराहे से शास्त्री पुल के पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को पसीने छूट गए।
आमतौर पर झूंसी से पंद्रह मिनट में शहर पहुंचने वाले लोग आज घंटों जाम के झाम में फंसे रहे। स्कूल के बच्चे रहे हों या फिर दफ्तर और दुकान जाने वाले दुकानदार, सभी जाम के झाम से कराह उठे थे। दोपहर डेढ़ बजे के बाद किसी तरीके से यातायात सुचारु हो सका। हालांकि शाम पांच बजे के बाद एक बार फिर जाम की स्थिति पैदा हो गई थी। यातायात के साथ ही इलाकाई पुलिस को दिनभर जाम के झाम से जूझना पड़ा।
सावन माह शुरू होने पर 14 जुलाई से प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर ट्रैफिक वन वे है। भारी वाहनों और बसों का रूट डायवर्जन किया गया है। छोटे चार पहिया और दो पहिया वाहनों को शास्त्री पुल की दूसरी लेन से गुजारा जा रहा है। एक लेन कांवड़ियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित की गई है। दोनों ओर के वाहनों को एक लेन से गुजारे जाने से तकरीबन रोजाना जाम लग रहा है। पर सावन के पहले सोमवार पर भीषण जाम लगने से यातयात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई।
सुबह नौ बजे से ही हाईवे की दूसरी लेन पर भीषण जाम लग गया था। अंदावा तिराहे से शास्त्री पुल तक वाहनों की कतार लग गई। दो पहिया वाहनों का भी निकलना मुश्किल हो गया था। हाईवे के तकरीबन पांच किलोमीटर की दूरी में वाहन में रेंगते नजर आए। लोगों को झूंसी से शहर की पंद्रह मिनट की दूरी तय करने में आज दो से तीन घंटे तक लग गए। जाम के झाम में स्कूली वाहन, बच्चे, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और दुकानदार घंटों फंसे रहे।
शहर से वाराणसी की ओर जा रही एंबुलेंस झूंसी थाने के सामने घंटों जाम में फंसी रही। इसी तरीके से जीआईसी इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र समीर मलिक और अब्दुल रहमान भी घंटों जाम में फंसे रहे। नई झूंसी निवासी दंपत्ति सीताराम और ऊषा देवी भी जाम के झाम से कराह उठी थीं। बताया कि आज झूंसी से शहर दारागंज पहुंचने में तकरीबन दो घंटे लग गया। इसी प्रकार पुरानी झूंसी निवासी फैसल भी घंटों जाम में फंसे रहे।
रामबाग निवासी नरेश की झूंसी में जनरल स्टोर की दुकान है। उन्हें आज भीषण जाम के कारण झूंसी पहुंचने पर डेढ़ घंटे लग गए। मीरापुर निवासी सतीशचंद्र वाजपेयी और दारागंज निवासी अश्विनी को भी सोमवार को घंटों जाम के झाम से जूझना पड़ा। इन्हें शहर से झूंसी पहुंचने में दो से ढाई घंटे लगे। दोपहर डेढ़ बजे के बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हुई तो लोगों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों ने भी राहत की सांस ली।