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किन्नर ने जूना से कहा, साथ रहेंगे, साथ चलेंगे
Sun, 13 Jan 2019 02:28 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 13 Jan 2019 02:28 AM IST
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किन्नर अखाड़ा और जूना अखाड़ा अब साथ-साथ चलेगा। शनिवार को जूना अखाड़े के संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरिगिरि जी महाराज के बीच यमुना बैंक रोड स्थित मौजगिरि मंदिर में हुई बैठक के बाद इस आशय का निर्णय लिया गया। इससे पहले दोनों के बीच कचहरी में अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
इसके मुताबिक किन्नर अखाड़ा, जूना अखाड़े के साथ साथ रहेगा और एक दूसरे की परंपराओं, अनुष्ठान में शामिल होगा। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने दो टूक कहा है कि किन्नर अखाड़ा बना रहेगा। साथ ही आचार्य सहित सभी महामंडलेश्वर अपने-अपने पदों पर पूर्व की भांति बने रहेंगे। इतना ही नहीं वह अपनी किसी भी परंपरा को नहीं छोड़ेंगे। किन्नर अखाड़ा देवत्व यात्रा यानी अमरत्व स्नान सहित अन्य परंपराओं का निर्वाह करेगा।
अनुबंध पत्र के बाद दोनों अखाड़ों के संतों ने मौजगिरि मंदिर मे दर्शन पूजन करके आशीर्वाद लिया। जूना अखाडे़ के संरक्षक और अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरिगिरि महराज ने कहा कि लंबे समय से चल रही कोशिश पूरी हुई है। किन्नर अखाड़े को पूरा सम्मान दिया जाएगा। किन्नर अखाड़ा शाही स्नान में शामिल होगा लेकिन डुबकी नहीं लगाएगा। शाम को त्रिकाल संध्या स्नान करेंगे। कार्यक्रम में दोनों अखाड़ों के अनेक संतों के साथ ही जगदगुरु पंचानंद गिरि महराज सहित बड़ी संख्या मे संत-महात्मा मौजूद रहे।
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इसके मुताबिक किन्नर अखाड़ा, जूना अखाड़े के साथ साथ रहेगा और एक दूसरे की परंपराओं, अनुष्ठान में शामिल होगा। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने दो टूक कहा है कि किन्नर अखाड़ा बना रहेगा। साथ ही आचार्य सहित सभी महामंडलेश्वर अपने-अपने पदों पर पूर्व की भांति बने रहेंगे। इतना ही नहीं वह अपनी किसी भी परंपरा को नहीं छोड़ेंगे। किन्नर अखाड़ा देवत्व यात्रा यानी अमरत्व स्नान सहित अन्य परंपराओं का निर्वाह करेगा।
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अनुबंध पत्र के बाद दोनों अखाड़ों के संतों ने मौजगिरि मंदिर मे दर्शन पूजन करके आशीर्वाद लिया। जूना अखाडे़ के संरक्षक और अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरिगिरि महराज ने कहा कि लंबे समय से चल रही कोशिश पूरी हुई है। किन्नर अखाड़े को पूरा सम्मान दिया जाएगा। किन्नर अखाड़ा शाही स्नान में शामिल होगा लेकिन डुबकी नहीं लगाएगा। शाम को त्रिकाल संध्या स्नान करेंगे। कार्यक्रम में दोनों अखाड़ों के अनेक संतों के साथ ही जगदगुरु पंचानंद गिरि महराज सहित बड़ी संख्या मे संत-महात्मा मौजूद रहे।
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