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किशोरी के सब्र का बांध टूटा : बोली- मेरे साथ छह बदमाशों ने की थी दरिंदगी, पर लोकलाज के डर से रही चुप

Fri, 11 Aug 2023 03:40 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 11 Aug 2023 03:40 PM IST
सार

बदमाशों ने नाना-नानी के ऊपर गद्दा डाल दिया और उसके कपड़े उतार फेंके। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और हाथ-पांव बांधकर सभी छह बदमाशों ने रूह कंपाने वाली दरिंदगी की। उसके साथ कब तक क्या हुआ, कुछ मालूम नहीं, क्योंकि वह सब इतना बर्दाश्त नहीं कर पाई और बेहोश हो गई थी।

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she said- six miscreants had done cruelty to me, but remained silent due to fear of public
girl crime, rape demo - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

थरवई में रविवार की रात दरिंदों ने न सिर्फ दो घरों में डकैती डाली थी, बल्कि चौकीदार की नतिनी के साथ सामूहिक दुष्कर्म भी किया था। इसका खुलासा तीन दिन तक चुप रही पीड़ित किशोरी ने ही बृहस्पतिवार को किया। बकौल पीड़िता, उसने पुलिस को पहले ही दिन सब कुछ बता दिया था, लेकिन इज्जत का हवाला देकर उसे चुप रहने को कहा गया। घटना से उसे ऐसा मानसिक आघात लगा था कि वह कुछ सोच भी नहीं पा रही थी। घर वाले भी उसे शांत करा रहे थे, लेकिन अब वह चुप नहीं रहेगी। उसे न्याय चाहिए।

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16 साल की पीड़िता ने कहा कि रविवार रात हम सब एक ही कमरे में सो रहे थे। रात को छह डकैत उसके घर के पीछे की चार फीट ऊंची दीवार लांघकर अंदर घुसे। सभी बदमाशों ने चप्पल गले में डाल रखी थीं। शायद इसलिए कि बारिश के कारण पीछे के खेत नम थे और चलते हुए चप्पल धंसे होंगे। डकैतों ने आते ही नाना को पीटना शुरू कर दिया। जिस डकैत ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था, उसी ने पहला वार किया। शोर सुनकर उसकी व नानी की आंख खुली तो हम दोनों उन्हें बचाने दौड़े। रहम की भीख मांगी।

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नकाबपोश बदमाश ने कहा कि वह चौकीदार को मारने ही आया है, इसलिए जिंदा नहीं छोड़ेगा। डकैतों ने नाना पर ताबड़तोड़ वार जारी रखे। पिटाई का विरोध करने पर नानी को भी बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया। दोनों लहूलुहान होकर बेहोश हो गए। डकैतों के सिर खून सवार देखकर वह जान बचाने के लिए दीवार की ओर दौड़ी। वह दीवार पर चढ़ने ही वाली थी कि एक बदमाश ने पीछे से उसे डंडा फेंककर मारा। यह उसके पांव में लगा और उसका संतुलन बिगड़ गया। वह गिर पड़ी और बदमाशों ने उसे दबोच लिया।

नकाब पहने बदमाश ने उसके तमंचा सटा दिया और शोर मचाने पर जान से मार डालने की धमकी दी। बदमाशों ने नाना-नानी के ऊपर गद्दा डाल दिया और उसके कपड़े उतार फेंके। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और हाथ-पांव बांधकर सभी छह बदमाशों ने रूह कंपाने वाली दरिंदगी की। उसके साथ कब तक क्या हुआ, कुछ मालूम नहीं, क्योंकि वह सब इतना बर्दाश्त नहीं कर पाई और बेहोश हो गई थी।

बकौल पीड़िता, घटना के बाद घर आई पुलिस को उसने सबकुछ बताया था। यही नहीं, उसके बाद महिला पुलिस कर्मी उसे बाथरूम ले गई थीं। दरिंदगी दिखने पर ही पुलिस उसे मेडिकल चेकअप के लिए डफरिन हॉस्पिटल ले गई थी। यहां के बाद उसे घंटों पुलिस ने अपने ही पास रखा और इज्जत का हवाला देकर चुप रहने को कहा। घर-परिवार वाले भी लोकलाज की दुहाई देकर चुप रहने के लिए कहते रहे। इस कारण उसने मीडिया से यही कहा कि कोई दरिंदगी नहीं हुई। लेकिन, अब वह न्याय चाहती है। दरिंदगी करने वाले राक्षसों को पुलिस कड़ी से कड़ी सजा दे।

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कोर्ट में बयान दर्ज कराने वाली थी पुलिस

पीड़िता ने बताया कि बृहस्पतिवार को पुलिस ने फोन करके बताया था कि आज उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराएंगे। हालांकि, पुलिस आई नहीं। यह कब आएगी, इसकी भी कोई सूचना नहीं दी। वहीं, पीड़िता की जांच रिपोर्ट के बारे में पुलिस अभी तक मौन साधे हुए है। यह रिपोर्ट किसी भी वक्त आ सकती है।

बच्ची के साथ न्याय हो, परिवार को मिले सरकारी मददपीड़ित लड़की के परिवार वाले घटना से दुखी ही नहीं, क्षुब्ध भी हैं। वह लड़की को मानसिक आघात से उबारने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। लड़की के मौसा का कहना था कि लड़की के साथ बहुत गलत हुआ है। परिवार वाले अब उसके साथ खड़े हैं और चाहते हैं कि उसे न्याय मिले। सरकार भी उसके साथ खड़ी हो, हर तरह की मदद करे। उनकी बात सुनी जाए। जिन दरिंदों ने यह हरकत की है, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। 

सर्राफ दंपति को मिली अस्पताल से छुट्टी

डकैतों की मार से बुरी तरह जख्मी सर्राफ संतोष केसरवानी और उनकी पत्नी आरती देवी केसरी को एसआरएन अस्पताल से बृहस्पतिवार को छुट्टी दे दी गई। अभी उनके बड़े भाई अशोक केसरवानी यहीं भर्ती हैं। अभी वह ठीक से बोल नहीं पा रहे हैं। उनके सिर और चेहरे पर कई गंभीर जख्म हैं। डॉक्टरों के मुताबिक अशोक की तबीयत में काफी सुधार है। वहीं, चौकीदार की घायल पत्नी अभी भी यहीं भर्ती हैं। उनकी स्थिति में भी काफी सुधार है। जल्द उन्हें भी छुट्टी दी जाएगी।

व्यापारी मिले डीसीपी से, पीड़ित परिवार को शस्त्र लाइसेंस देने की मांग

व्यापारी एकता समिति के विजय गुप्ता के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को व्यापारियों ने डीसीपी गंगापार अभिषेक भारती से मिलकर डकैती की घटना के जल्द खुलासे की मांग की। उन्होंने कहा कि व्यापारी समाज घटना से बहुत आहत है। पीड़ित व्यापारी अशोक केसरवानी के परिवार को शस्त्र लाइसेंस दिया जाए। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग भी की गई। व्यापारी प्रमिल केसरवानी ने कहा कि चौकीदार और अशोक केसरवानी के आवास पर पुलिस सुरक्षा दी जाय। 

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