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Shardiya Navratri : विधि-विधान से हुई संधि पूजा, देवी चामुंडा के स्वरूप की भक्तों ने की आराधना
Fri, 11 Oct 2024 12:06 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 11 Oct 2024 12:06 PM IST
सार
नवरात्र की महाअष्टमी तिथि पर शुक्रवार को दुर्गा पूजा पंडालों में संधि पूजा की गई। भक्तों ने दीप जलाकर महिषासुर मर्दिनी की आराधना की। भोर से ही संधि पूजा की तैयारी शुरू कर दी गई। कर्नलगंज, राजरूपपुर, सिविल लाइंस, कटरा, टैगोरटाउन सहित शहर के अनेक स्थानों पर विराजित मां दुर्गा के पंडालों में संधि पूजा की गई।
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संधि पूजा के दौरान कर्नलगंज बारवारी में नृत्य करते भक्त।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
नवरात्र की महाअष्टमी तिथि पर शुक्रवार को दुर्गा पूजा पंडालों में संधि पूजा की गई। भक्तों ने दीप जलाकर महिषासुर मर्दिनी की आराधना की। भोर से ही संधि पूजा की तैयारी शुरू कर दी गई। कर्नलगंज, राजरूपपुर, सिविल लाइंस, कटरा, टैगोरटाउन सहित शहर के अनेक स्थानों पर विराजित मां दुर्गा के पंडालों में संधि पूजा की गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया।
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भक्तों के अनुसार देवी दुर्गा ने 'संधिकाल' में दो असुरों, चंदो और मुंडों का वध किया था। इसके कारण देवी का 'चामुंडा' नाम पड़ा। भक्त दीप जलाकर उनकी पूजा करते हैं। कमल और अन्य सुगंधित फूल के साथ पुष्पांजलि अर्पित की जाती है। संधि पूजा अष्टमी तिथि समाप्त होने से 24 मिनट पूर्व और नवमी तिथि शुरू होने के 24 मिनट बाद तक देवी मां चामुण्डा की पूजा की जाती है। दो घटी यानी 48 मिनट तक संधि पूजा की जाती है। इस शुभ मुहूर्त में मां दुर्गा के स्वरूप देवी चामुण्डा की उपासना की जाती है।
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