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शिक्षण संस्थान के अफसरों समेत सात पर मनी लांड्रिंग का केस
Fri, 26 Feb 2021 01:16 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 26 Feb 2021 01:16 AM IST
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हाईकोर्ट में फर्जी याचिकाएं दायर कर भु़गतान केमामले में एक शिक्षण संस्थान के अधिकारियों समेत सात पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया गया है। प्रवतर्न निदेशालय (ईडी) ने सीबीआई की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट केआधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीबीआई ने चार फरवरी को इस मामले में शिक्षण संस्थान केअफसरों समेत चार नामजद व अन्य अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि कोर्ट में फर्जी याचिकाएं दायर कर भुगतान लिया गया। मामला 2017 का है। इस फर्जीवाड़े की शिकायत पर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केस दर्ज कर जांच केलिए आदेशित किया था। जिस पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। लेकिन पिछले वर्ष राज्य सरकार ने मामला सीबीआइ को सौंप दिया था।
क्या है आरोप
कैंट थाने में दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि कोर्ट में शिक्षण संस्थान में शीर्ष अधिकारियों की नियुक्ति आदि से संबंधित याचिकाएं दाखिल की गईं थीं। आश्चर्य की बात थी कि इनमें पैरवी नहीं हुई और बाद में सभी खारिज हो गईं। जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई कि याची और गवाह फर्जी निकले और गलत तरीके से भुगतान भी लिया गया। इसी मामले के आधार पर सीबीआइ ने रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले में बड़े पैमाने पर गलत तरीके से रुपयों केभगुतान की भी बात सामने आई जिस पर ईडी ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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सीबीआई ने चार फरवरी को इस मामले में शिक्षण संस्थान केअफसरों समेत चार नामजद व अन्य अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि कोर्ट में फर्जी याचिकाएं दायर कर भुगतान लिया गया। मामला 2017 का है। इस फर्जीवाड़े की शिकायत पर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केस दर्ज कर जांच केलिए आदेशित किया था। जिस पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। लेकिन पिछले वर्ष राज्य सरकार ने मामला सीबीआइ को सौंप दिया था।
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क्या है आरोप
कैंट थाने में दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि कोर्ट में शिक्षण संस्थान में शीर्ष अधिकारियों की नियुक्ति आदि से संबंधित याचिकाएं दाखिल की गईं थीं। आश्चर्य की बात थी कि इनमें पैरवी नहीं हुई और बाद में सभी खारिज हो गईं। जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई कि याची और गवाह फर्जी निकले और गलत तरीके से भुगतान भी लिया गया। इसी मामले के आधार पर सीबीआइ ने रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले में बड़े पैमाने पर गलत तरीके से रुपयों केभगुतान की भी बात सामने आई जिस पर ईडी ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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