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बजट 2024 : रेल किराये में रियायत न मिलने से वरिष्ठ नागरिक खफा, अंतरिम बजट से हुए निराश
Fri, 02 Feb 2024 05:11 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 02 Feb 2024 05:11 PM IST
सार
नैनी एडीए कालोनी निवासी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक एनपी त्यागी ने कहा कि मार्च 2020 तक वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में छूट मिलती थी, लेकिन उसके बाद यह बंद कर दी गई। नौकरी पूरी होने के बाद जब पेंशन मिलती है तो हमारी आय आधी हो जाती है।
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बजट।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
मोदी सरकार के अंतरिम बजट से पेंशनरों को राहत की उम्मीद थी। अधिकांश पेंशनर यह मानकर चल रहे थे कि सरकार ट्रेनों के किराये में दी जाने वाली रियायत बहाल करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे तमाम वरिष्ठ नागरिक खफा भी हुए।
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नैनी एडीए कालोनी निवासी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक एनपी त्यागी ने कहा कि मार्च 2020 तक वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में छूट मिलती थी, लेकिन उसके बाद यह बंद कर दी गई। नौकरी पूरी होने के बाद जब पेंशन मिलती है तो हमारी आय आधी हो जाती है। ऐसे में सरकार को इस बारे में एक बार फिर से विचार करते हुए रेल किराये में छूट दी जानी चाहिए। इसी तरह सेवानिवृत्त रेलकर्मी एसके सिंह ने कहा कि आज का बजट जनता की आकांक्षाओं विशेष कर सीनियर सिटीजन के अनुरूप नहीं रहा।
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आशाओं के अनुरूप आयकर सीमा में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई। पेंशनर्स की पुरानी मांग है जिसमें 65,70 एवं 75 वर्ष के उपरांत पांच प्रतिशत, 10 प्रतिशत और 15 प्रतिशत पेंशन वृद्धि मंजूर नहीं की गई। इसी तरह गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएस वर्मा ने कहा, बजट से वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स को भी निराशा हाथ लगी है। रेल किराये में मिलने वाली छूट और हर पांच वर्ष में पेंशन वृद्धि, आयकर स्लैब में छूट भी नहीं दी गई है। इतना ही नहीं पुरानी पेंशन नीति भी नहीं बहाल की गई है।
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म्योराबाद निवासी आशा धवल ने कहा कि अंतरिम बजट ने सीनियर सिटीजन को निराश किया। रेलवे किराए में पिछले वर्षों में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली छूट जो कोविड के कारण रोकी गई थी ,वह भी बहाल नहीं की गई।