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Prayagraj News: सुरक्षा को मिली नई धार, रेलवे में अब सोलर सीसीटीवी कैमरा
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प्रयागराज मंडल के मदरहा रेलवे स्टेशन पर स्थापित किया गया पहला सोलर सीसीटीवी कैमरा।स्रोत... रेल
- फोटो : Archive
भारतीय रेलवे ने उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के मदरहा (जिला प्रयागराज) रेलवे स्टेशन पर पहली बार प्रयोग के तौर पर एक अत्याधुनिक सोलर-संचालित सीसीटीवी कैमरा लगाया है। यह नया सुरक्षा उपकरण बिना बिजली सप्लाई के लगातार 24 घंटे चालू रहेगा।
कैमरे में चार मेगापिक्सल का उच्च रिजॉल्यूशन और इंफ्रारेड एलईडी तकनीक शामिल है, जो अंधेरे में भी तीस मीटर तक बिल्कुल साफ और स्पष्ट नाइट विजन प्रदान करती है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें मोशन ट्रैकिंग और ह्यूमन बॉडी डिटेक्शन जैसे आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या मानव हलचल पर अलर्ट मिल जाता है।
खास बात यह है कि यह कैमरा 4जी कनेक्टिविटी से लैस है, जिसकी मदद से अधिकारी पीसी या मोबाइल के जरिये दूर बैठकर भी रिमोट मॉनिटरिंग कर सकते हैं। बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए इसमें रिचार्जेबल बैटरी के साथ सोलर पैनल जोड़ा गया है, जो धूप से चार्ज होता रहता है।
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रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यदि प्रयागराज के मदरहा स्टेशन पर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है और इसके परिणाम उम्मीद के मुताबिक बेहतरीन मिलते हैं, तो आने वाले समय में उत्तर मध्य रेलवे समेत अन्य जोनल रेलवे के स्टेशनों, यार्ड आदि स्थानों पर भी इस तरह के आधुनिक सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
वेदरप्रूफ हाउसिंग में फिट किया गया है कैमरा
प्रतिकूल मौसम से बचाने के लिए कैमरे को आईपी-66 से भी उच्च श्रेणी के वेदरप्रूफ हाउसिंग में फिट किया गया है, ताकि आंधी, बारिश या धूप में यह सुरक्षित रहे। लोकल रिकॉर्डिंग के लिए इसमें 128 जीबी तक के माइक्रो एसडी कार्ड का समर्थन मिलता है। मॉडल की जरूरत के हिसाब से इसमें डिजिटल जूम, टू-वे ऑडियो और घूमने की कार्यक्षमता जैसी खूबियां भी मौजूद हैं।
भारतीय रेलवे का यह पायलट प्रोजेक्ट रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा और तकनीकी उन्नयन की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। अभी यह कैमरा मदरहा रेलवे स्टेशन पर लगाया गया है। -अमित कुमार सिंह, पीआरओ, प्रयागराज मंडल
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कैमरे में चार मेगापिक्सल का उच्च रिजॉल्यूशन और इंफ्रारेड एलईडी तकनीक शामिल है, जो अंधेरे में भी तीस मीटर तक बिल्कुल साफ और स्पष्ट नाइट विजन प्रदान करती है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें मोशन ट्रैकिंग और ह्यूमन बॉडी डिटेक्शन जैसे आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या मानव हलचल पर अलर्ट मिल जाता है।
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खास बात यह है कि यह कैमरा 4जी कनेक्टिविटी से लैस है, जिसकी मदद से अधिकारी पीसी या मोबाइल के जरिये दूर बैठकर भी रिमोट मॉनिटरिंग कर सकते हैं। बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए इसमें रिचार्जेबल बैटरी के साथ सोलर पैनल जोड़ा गया है, जो धूप से चार्ज होता रहता है।
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रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यदि प्रयागराज के मदरहा स्टेशन पर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है और इसके परिणाम उम्मीद के मुताबिक बेहतरीन मिलते हैं, तो आने वाले समय में उत्तर मध्य रेलवे समेत अन्य जोनल रेलवे के स्टेशनों, यार्ड आदि स्थानों पर भी इस तरह के आधुनिक सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
वेदरप्रूफ हाउसिंग में फिट किया गया है कैमरा
प्रतिकूल मौसम से बचाने के लिए कैमरे को आईपी-66 से भी उच्च श्रेणी के वेदरप्रूफ हाउसिंग में फिट किया गया है, ताकि आंधी, बारिश या धूप में यह सुरक्षित रहे। लोकल रिकॉर्डिंग के लिए इसमें 128 जीबी तक के माइक्रो एसडी कार्ड का समर्थन मिलता है। मॉडल की जरूरत के हिसाब से इसमें डिजिटल जूम, टू-वे ऑडियो और घूमने की कार्यक्षमता जैसी खूबियां भी मौजूद हैं।
भारतीय रेलवे का यह पायलट प्रोजेक्ट रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा और तकनीकी उन्नयन की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। अभी यह कैमरा मदरहा रेलवे स्टेशन पर लगाया गया है। -अमित कुमार सिंह, पीआरओ, प्रयागराज मंडल