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UP : रिटायर्ड जजों को सुविधा दिए जाने के मामले में हिरासत में लिए गए सचिव वित्त एवं विशेष सचिव वित्त रिहा

Thu, 20 Apr 2023 09:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 20 Apr 2023 09:21 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी देने पर आज हाईकोर्ट ने उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया।रिटायर्ड जजों को सुविधा दिए जाने के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में लिए गए सचिव वित्त व विशेष सचिव वित्त पर आरोप तय करने और मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव वित्त को तलब करने के कल 19 अप्रैल के आदेश पर भी सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।

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Secretary Finance and Special Secretary Finance, detained in the matter of providing facilities to retired jud
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के सचिव वित्त एवं विशेष सचिव वित्त को न्यायिक हिरासत में लिए जाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने कल सचिव वित्त एसएमए रिजवी तथा विशेष सचिव वित्त सरजू प्रसाद मिश्र को हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने के चलते न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया था।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी देने पर आज हाईकोर्ट ने उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया।रिटायर्ड जजों को सुविधा दिए जाने के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में लिए गए सचिव वित्त व विशेष सचिव वित्त पर आरोप तय करने और मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव वित्त को तलब करने के कल 19 अप्रैल के आदेश पर भी सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। इस मामले में बृहस्पतिवार को जब सुनवाई के लिए मामला हाईकोर्ट के समक्ष पेश किया गया तो अपर महाधिवक्ता ने यह जानकारी कोर्ट को दी।

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उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले में रोक लगा दी है। इस पर कोर्ट ने आदेश की प्रति उपलब्ध कराने को कहा। कोर्ट को बताया गया कि दोनों अधिकारी न्यायिक अभिरक्षा में है, जबकि मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव वित्त कोर्ट में पेश नहीं हुए।

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जस्टिस सुनीत कुमार व जस्टिस राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी होने के बाद केस की सुनवाई को एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट के अगले निर्णय के बाद सुनवाई करने का आदेश दिया। याचिका पर याची रिटायर्ड जजों की तरफ से अधिवक्ता आलोक कुमार यादव ने पक्ष रखा।

हाईकोर्ट ने बुधवार को रिटायर्ड जजों को सुविधा दिए जाने के मामले में सुनवाई करते हुए यूपी के मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव वित्त को जमानती वारंट जारी करते हुए 20 अप्रैल को तलब किया था, जबकि, सचिव वित्त, विशेष सचिव वित्त को न्यायिक आदेश की अवहेलना में न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया था। इन दोनों सचिवों पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना के लिए आरोप तय करने के लिए आज तलब किया था। दोनों को महानिबंधक की निगरानी में रखा गया था।

हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने तलब किए गए सचिवों को राहत देते हुए पूरी करवाई पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने बुधवार को प्रदेश के मुख्य सचिव व प्रशांत त्रिवेदी अपर मुख्य सचिव वित्त को भी सीजेएम लखनऊ के मार्फत जमानती वारंट जारी कर उन्हें भी 20 अप्रैल को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है और स्पष्टीकरण मांगा कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना आरोप निर्मित किया जाय।

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