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हाईकोर्ट : बर्खास्त मृतक कर्मचारी के सेवानिवृति लाभों पर विचार करे रोडवेज
Sun, 04 Feb 2024 05:30 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 04 Feb 2024 05:30 PM IST
सार
याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी का कहना था कि याची के पति केशर जावेद आज़मी उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम इलाहाबाद में परिचालक के पद पर 26 साल तक कार्यरत रहे।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के क्षेत्रीय प्रबंधक को निगम के बर्खास्त मृतक कर्मचारी की पत्नी के सेवानिवृति लाभ के दावे का चार सप्ताह में निस्तारण करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने मृतक कर्मचारी की पत्नी सहीन फातिमा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी का कहना था कि याची के पति केशर जावेद आज़मी उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम इलाहाबाद में परिचालक के पद पर 26 साल तक कार्यरत रहे। बीमारी के कारण समय पर ड्यूटी पर न पहुंच पाने के कारण उनकी सेवाएं वर्ष 2015 में समाप्त कर दी गई। जिसके खिलाफ उन्होंने अपील दाखिल की थी, जिसके लंबित रहने के दौरान वर्ष 2020 में उनकी मौत हो गई।
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सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में विभाग उसे मात्र एक हजार रुपए अदा कर रहा है। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक को प्रत्यावेदन दिया गया, जिस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। कोर्ट ने क्षेत्रीय प्रबंधक को याचिनी द्वारा मय ब्याज सेवा निवृत्ति लाभों के दावों पर विचार कर उसके नए प्रत्यावेदन का चार हफ्ते में निस्तारण करे।
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