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रिजल्ट बताएगा, पेपर आउट हुआ या नहीं
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के तहत अब तक 15 में से 13 विषयों के अंतिम चयन परिणाम घोषित किए हैं और इनमें से ज्यादातर विषयों में योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण सीटें खाली रह गईं। हर बार यही चर्चा हुई कि परीक्षा में गड़बड़ी की गई होती तो सीटें खाली न रह जातीं। हालांकि, दो सबसे बड़े विषय हिंदी और सामाजिक विज्ञान के रिजल्ट पेपर आउट होने के विवाद में फंसे हैं। सभी अभ्यर्थियों को इन विषयों के रिजल्ट का इंतजार है, ताकि परिणाम जारी होने के बाद स्थिति साफ हो सके।
गणित, विज्ञान, कंप्यूटर जैसे प्रमुख विषयों में योग्य अभ्यर्थी न मिल पाने के कारण बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गईं। इन विषयों को यही सवाल उठ रहा था कि अगर पेपर आउट हुआ था तो सीटें खाली कैसे रह गईं। अब हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय की बारी है। इन दोनों विषयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों के कुल 3287 पद हैं, जिनमें हिंदी शिक्षक के 1433 और सामाजिक विज्ञान शिक्षक के 1854 पद हैं। सूत्रों का कहना है कि आयोग इन दोनों विषयों का परिणाम तैयार कर चुका है लेकिन केस डायरी न मिल पाने के कारण परिणाम रोका गया है।
पिछले दिनों अभ्यर्थियों से मुलाकात के दौरान भी अध्यक्ष ने यह स्पष्ट कर दिया था कि के स डायरी के परीक्षण के बाद ही हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय का रिजल्ट जारी किया जाएगा। इन दोनों विषयों के रिजल्ट को लेकर सबसे अधिक विवाद है, क्योंकि इन्हीं परीक्षाओं में पेपर आउट होने के आरोप लगे थे और पूर्व परीक्षा नियंत्रक को जेल जाना पड़ा था। अगर रिजल्ट जारी होने के बाद इन दोनों विषयों में भी योग्य अभ्यर्थी न मिल पाने के कारण सीटें खाली रह जाती हैं तो फिर सवाल उठेगा कि पेपर आउट हुए थे तो सीटें कैसे खाली रह गईं। हालांकि स्थिति पूरी तरह से तभी साफ हो सकेगी, जब अंतिम चयन परिणाम के साथ एसटीएफ भी अपनी जांच पूरी करेगी।
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गणित, विज्ञान, कंप्यूटर जैसे प्रमुख विषयों में योग्य अभ्यर्थी न मिल पाने के कारण बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गईं। इन विषयों को यही सवाल उठ रहा था कि अगर पेपर आउट हुआ था तो सीटें खाली कैसे रह गईं। अब हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय की बारी है। इन दोनों विषयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों के कुल 3287 पद हैं, जिनमें हिंदी शिक्षक के 1433 और सामाजिक विज्ञान शिक्षक के 1854 पद हैं। सूत्रों का कहना है कि आयोग इन दोनों विषयों का परिणाम तैयार कर चुका है लेकिन केस डायरी न मिल पाने के कारण परिणाम रोका गया है।
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पिछले दिनों अभ्यर्थियों से मुलाकात के दौरान भी अध्यक्ष ने यह स्पष्ट कर दिया था कि के स डायरी के परीक्षण के बाद ही हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय का रिजल्ट जारी किया जाएगा। इन दोनों विषयों के रिजल्ट को लेकर सबसे अधिक विवाद है, क्योंकि इन्हीं परीक्षाओं में पेपर आउट होने के आरोप लगे थे और पूर्व परीक्षा नियंत्रक को जेल जाना पड़ा था। अगर रिजल्ट जारी होने के बाद इन दोनों विषयों में भी योग्य अभ्यर्थी न मिल पाने के कारण सीटें खाली रह जाती हैं तो फिर सवाल उठेगा कि पेपर आउट हुए थे तो सीटें कैसे खाली रह गईं। हालांकि स्थिति पूरी तरह से तभी साफ हो सकेगी, जब अंतिम चयन परिणाम के साथ एसटीएफ भी अपनी जांच पूरी करेगी।
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