फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Reservation is not necessary to move forward: Covind

आगे बढ़ने के लिए आरक्षण जरूरी नहीं : कोविंद

Sat, 16 Dec 2017 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 16 Dec 2017 01:09 AM IST
विज्ञापन
Reservation is not necessary to move forward: Covind
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
जीवन में आगे बढ़ने के लिए आरक्षण की जरूरत नहीं। बिना आरक्षण भी सफलता पाई जा सकती है। शुक्रवार को मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यह बात कही। उन्होंने दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया, साथ ही उपाधि हासिल करने वाले मेधावियों को भी बधाई दी। इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि सफलता के लिए शार्टकट नहीं कड़ी मेहनत की जरूरत है।
विज्ञापन


दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद छात्राओं की सफलता पर गदगद नजर आए। कहा, हमारी बेटियों ने बिना किसी आरक्षण के बेटों को कड़ी टक्कर दी है। बेटियां आगे बढ़ेंगी तो देश विकसित होगा। यह एक शुभ संकेत है। हमारी बेटियों ने बिना आरक्षण कैरियर, शिक्षा और जीवन के हर क्षेत्र में बेटों को पछाड़ा है। राज्यपाल और अब राष्ट्रपति पद रहते हुए उन्होंने देखा कि हमारी बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
विज्ञापन


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने भाषण से पूर्व राज्यपाल के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान में पदक पाने वाले 43 मेधावियों में 22 छात्र और 21 छात्राएं हैं। इस प्रकार देखा जाए तो गोल्ड मेडल पाने वालों में 51 फीसदी छात्र हैं तो 49 फीसदी छात्राएं हैं। मात्र दो फीसदी का अंतर कोई मायने नहीं रखता। हमारी बेटियों ने पढ़ाई के बल पर यह पोजीशन हासिल की है। उन्हें किसी प्रकार का आरक्षण नहीं मिला है। राष्ट्रपति ने बेटियों के संदर्भ में यह बातें रेखांकित कर आरक्षण की मांग करने वालों के सामने लकीर खींच दी है कि प्रतिभा किसी बैसाखी की मोहताज नहीं हे।
विज्ञापन
विज्ञापन


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि तमिलनाडु के गरीब परिवार में पैदा होने के बाद भी देश के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक एपीजे कलाम आज भी हमारे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने बिना किसी सहायता के शिखर को छुआ। दिल्ली मेट्रो के जनक श्रीधरन को याद करते हुए कहा कि वह भी केरल के एक छोटे कस्बे से निकले और आज यह मुकाम हासिल किया। उनकी प्रतिभा से ही कोंकण रेलवे परियोजना साकार हो सकी।


अपने संबोधन में राज्यपाल ने भी बेटियों के आगे बढ़ने को लेकर बेटों को वार्निंग दी। बोल, सुधर जाओ, नहीं तो ऐसे ही हर क्षेत्र में हमारी बेटियां आपको पीछे छोड़ती रहेंगी। उन्होंने कहा कि एक समय था जब हमारी बेटियां मात्र शिक्षिका और नर्स बना करती थीं। अब समय बदल गया है। अब तो हमारी बेटियां सिविल सेवा से लेकर लड़ाकू विमान चलाने को आगे आ रही हैं। हमारी रक्षामंत्री भी महिला हैं। इससे पता चलता है कि आने वाला समय बेटियों का है। उन्होंने कहा कि अब हमारी बेटियों को बैसाखी की जरूरत नहीं है।  समारोह में राष्ट्रपति, राज्यपाल के साथ प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत एमएनएनआईटी के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने किया। उन्होंने दीक्षांत समारोह की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ उपाधि पाने वाले छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed