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वंदे भारत से हटेंगे तेजस के कोच, कल से ट्रेन में टी-18 कोच
Thu, 01 Apr 2021 12:23 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 01 Apr 2021 12:23 AM IST
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वंदे भारत एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला
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नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर से टी-18 रैक से लैस हो जाएगी। शुक्रवार दो अप्रैल से ट्रेन में तेजस की जगह टी-18 के कोच लग जाएंगे। वंदे भारत में एक बार फिर से टी-18 रैक लगने के बाद उसका किराया भी बढ़ जाएगा। अभी तेजस एक्सप्रेस के रूप में प्रयागराज से नई दिल्ली के बीच चेयरकार का किराया 1110 है, लेकिन दो अप्रैल से टी-18 रैक लगने के बाद यह किराया बढ़कर 1280 रुपये हो जाएगा।
दरअसल, देश में निर्मित पहली सेमी हाईस्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में टी-18 रैक का इस्तेमाल किया जाता है। प्रयागराज में लगे कुंभ मेले के दौरान इस ट्रेन की शुरुआत होने के बाद टी-18 रैक को अब तक एक बार भी मेंटेनेंस के लिए नहीं भेजा गया है। इस वजह से फरवरी 2021 में टी-18 रैक को ओवरहॉलिंग के लिए फैक्टरी में भेजा गया। इस दौरान ट्रेन में 16 फरवरी से तेजस एक्सप्रेस के कोच लगा दिए गए।
तेजस के कोच लगने के बाद इसके किराये में भी थोड़ी कमी आई। अब वंदे भारत के टी-18 कोच मेंटेनेंस के बाद तैयार कर लिए गए हैं। इसलिए रेलवे द्वारा दो अप्रैल से वंदे भारत में तेजस की जगह टी-18 रैक ही लग जाएंगे। बुधवार को प्रयागराज से गुजरी वंदे भारत में आखिरी बार तेजस के रैक लगाए गए। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी डा. अमित मालवीय ने बताया कि 16 फरवरी से लेकर 31 मार्च तक के लिए ही वंदे भारत में तेजस के कोच लगाए गए थे, लेकिन अब सप्ताह में पांच दिन चलने वाली तेजस एक्सप्रेस में टी-18 रैक लगा दिया जाएगा।
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दरअसल, देश में निर्मित पहली सेमी हाईस्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में टी-18 रैक का इस्तेमाल किया जाता है। प्रयागराज में लगे कुंभ मेले के दौरान इस ट्रेन की शुरुआत होने के बाद टी-18 रैक को अब तक एक बार भी मेंटेनेंस के लिए नहीं भेजा गया है। इस वजह से फरवरी 2021 में टी-18 रैक को ओवरहॉलिंग के लिए फैक्टरी में भेजा गया। इस दौरान ट्रेन में 16 फरवरी से तेजस एक्सप्रेस के कोच लगा दिए गए।
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तेजस के कोच लगने के बाद इसके किराये में भी थोड़ी कमी आई। अब वंदे भारत के टी-18 कोच मेंटेनेंस के बाद तैयार कर लिए गए हैं। इसलिए रेलवे द्वारा दो अप्रैल से वंदे भारत में तेजस की जगह टी-18 रैक ही लग जाएंगे। बुधवार को प्रयागराज से गुजरी वंदे भारत में आखिरी बार तेजस के रैक लगाए गए। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी डा. अमित मालवीय ने बताया कि 16 फरवरी से लेकर 31 मार्च तक के लिए ही वंदे भारत में तेजस के कोच लगाए गए थे, लेकिन अब सप्ताह में पांच दिन चलने वाली तेजस एक्सप्रेस में टी-18 रैक लगा दिया जाएगा।
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