High Court : अब्बास अंसारी गैंग के सदस्यों को राहत, हाईकोर्ट ने गैंगस्टर के मुकदमे को किया रद्द
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्बास अंसारी गिरोह के सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत चित्रकूट के कर्वी कोतवाली में 31 अगस्त 2024 को दर्ज मुकदमे को रद्द कर दिया है। साथ ही जारी गैर जमानती वारंट को भी रद्द कर दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्बास अंसारी गिरोह के सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत चित्रकूट के कर्वी कोतवाली में 31 अगस्त 2024 को दर्ज मुकदमे को रद्द कर दिया है। साथ ही जारी गैर जमानती वारंट को भी रद्द कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की खंडपीठ ने नवनीत सचान, शाहबाज आलम व फिरोज खान की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया। चित्रकूट के कर्वी थाने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर के तहत मुकदमा दर्ज है। इसी मुकदमे में याचियों को गैंग का सदस्य होने का आरोपी बनाया गया है।
याचियों ने दर्ज मुकदमे को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की।याची अधिवक्ता ने दलील दी कि गैंग चार्ट तैयार करने में नियमों की अनदेखी की गई है। गैंगस्टर एक्ट की यह एफआईआर चित्रकूट जेल में बंद गैंग लीडर अब्बास अंसारी से उसकी पत्नी निखत बानो की अवैध रूप से लंबी मुलाकात के मामले से संबंधित थी। सूचना मिलने पर डीएम चित्रकूट ने जेल का निरीक्षण किया था जहां अब्बास अंसारी अपने बैरक में नहीं मिला था। बैरक से दो मोबाइल फोन, ज्वेलरी बरामद हुए थे। इस घटना के बाद अब्बास को पहले नैनी और फिर 14 फरवरी 2023 को कासगंज जेल भेज दिया गया था।
सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने तर्क दिया कि नवनीत सचान जेल अधिकारियों को पैसे भेजता था और संयुक्त बैठक में चर्चा के बाद ही गैंग चार्ट तैयार और 29 अगस्त 2024 को अनुमोदित किया गया था। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि गैंगचार्ट तैयार करने और उसे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक में चर्चा कर अनुमोदित करने में नियम का सही से पालन नहीं किया गया। संयुक्त बैठक में उचित विचार-विमर्श नहीं किया गया, सिर्फ औपचारिकता पूरी की गई। गैंग चार्ट तैयार करने में नियमों का पालन नहीं किया गया है। कोर्ट ने गैंगस्टर में दर्ज मुकदमे व उसकी पूरी कार्यवाही को रद्द कर दिया।
अब्बास अंसारी को भी मिलेगी राहत
कर्वी थाने में दर्ज गैंगस्टर के मुकदमे में तीनों याचियों को गैंग का सदस्या और अब्बास अंसारी को गैंग लीडर बताया गया है। ऐसे में जब याचियों की ओर से दाखिल याचिका पर कोर्ट ने गैंगस्टर का मुकदमा ही रद्द कर दिया है तो अब अब्बास अंसारी पर भी गैंगस्टर का मुकदमा नहीं चल सकाता - अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय