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नौकरी का झांसा देकर अश्ली वीडिया बनाने और दुष्कर्म के आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक से इंकार
Fri, 27 Nov 2020 07:49 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 27 Nov 2020 07:49 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला को नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और उसकी अश्लील तस्वीरें व वीडियो बनाने के आरोपियों को राहत देने से इंकार कर उनकी याचिका खारिज कर दी है। याचिका में आरोपियों ने प्राथमिकी रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। खीरी प्रयागराज के समुंदर पांडेय व अन्य की याचिका पर न्यायूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने सुनवाई की।
याचीगण के खिलाफ पीड़ित महिला ने खीरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि वह एक गरीब और अनपढ़ महिला है। इसका फायदा उठाकर आरोपी समुंदर पांडेय और उसके भाई सूर्य मणि पांडेय ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर शारीरिक संबंध बना लिए और धोखे से उसकी अश्नलील फोटो व वीडियो बना ली।
इसके बाद उसे वायरल करके बदनाम करने की धमकी देकर उस पर उसकी जमीन को बेचने का दबाव बनाने लगे। इस काम में दोनों आरोपियों की पत्नियां ममता पांडेय और शकुंतला पांडेय भी उनका साथ दे रही हैं। कोर्ट ने मामले की तथ्यों और परिस्थितयों को देखते हुए याचीगण को राहत देने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है।
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याचीगण के खिलाफ पीड़ित महिला ने खीरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि वह एक गरीब और अनपढ़ महिला है। इसका फायदा उठाकर आरोपी समुंदर पांडेय और उसके भाई सूर्य मणि पांडेय ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर शारीरिक संबंध बना लिए और धोखे से उसकी अश्नलील फोटो व वीडियो बना ली।
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इसके बाद उसे वायरल करके बदनाम करने की धमकी देकर उस पर उसकी जमीन को बेचने का दबाव बनाने लगे। इस काम में दोनों आरोपियों की पत्नियां ममता पांडेय और शकुंतला पांडेय भी उनका साथ दे रही हैं। कोर्ट ने मामले की तथ्यों और परिस्थितयों को देखते हुए याचीगण को राहत देने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है।
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