{"_id":"6a4d6a3c9473bdbb200bb8eb","slug":"rats-enter-mri-machine-halting-testing-allahabad-news-c-3-ald1034-923147-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: एमआरआई मशीन में घुसे चूहे, जांच ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: एमआरआई मशीन में घुसे चूहे, जांच ठप
विज्ञापन
स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल की एमआरआई मशीन में सोमवार शाम को दो चूहों ने सेंधमारी कर दी। मशीन खराब होने से मंगलवार को एक भी जांच नहीं हो सकी। मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। अब उन्हें नई तारीख मिलने तक जांच के लिए इंतजार करना होगा।
मशीन में खराबी की जानकारी मिलते ही इंजीनियर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद मंगलवार दोपहर करीब दो बजे चूहों को पैनल से निकाला गया। शाम चार बजे दोबारा मशीन शुरू हो सकी। कर्मचारियों ने बताया कि संस्थान में बार-बार बिजली कटौती हो रही थी। इस वजह से मशीन गरम होने लगी। कुछ देर बाद बिजली पूरी तरह चली गई। माना गया कि बिजली की समस्या से मशीन गरम हो रही है। जब बिजली आई, तब भी मशीन नहीं चली। इस पर फिर से देखा गया तो दो मरे चूहे उसमें पड़े थे। उन्हें निकालने के बाद मशीन चालू हो सकी।
दिनभर में 20 मरीजों की होती है एमआरआई
एसआरएन अस्पताल में एमआरआई की सिर्फ एक मशीन है। इसे पुरानी बिल्डिंग में लगाया गया है। यहां रोजाना करीब 20 मरीजों की एमआरआई की जाती है जबकि जांच कराने वालों की संख्या दोगुनी होती है। ऐसे में मरीजों को छह से सात महीने बाद की तिथि दी जाती है।
विज्ञापन
वर्जनबार-बार लाइट कटने की वजह से मशीन गरम हो रही थी। इस वजह से एमआरआई होने में परेशानी आ रही थी। पैनल में चूहे घुसने की जानकारी नहीं है। शाम चार बजे एमआरआई मशीन को ठीक करके दोबारा शुरू किया गया।
- डॉ. जितेंद्र शुक्ला, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक, एसआरएन अस्पताल
तार पर गिरा पेड़, आपूर्ति बाधित
एसआरएन अस्पताल में सोमवार शाम चार बजे पेड़ टूटकर 440 केवीए लाइन पर गिर गया। रात करीब दो बजे के बाद आपूर्ति शुरू की गई। मगर ट्रिपिंग की समस्या मंगलवार को दिनभर बनी रही। इससे उमस में मरीजों को परेशान होना पड़ा।
विज्ञापन
मशीन में खराबी की जानकारी मिलते ही इंजीनियर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद मंगलवार दोपहर करीब दो बजे चूहों को पैनल से निकाला गया। शाम चार बजे दोबारा मशीन शुरू हो सकी। कर्मचारियों ने बताया कि संस्थान में बार-बार बिजली कटौती हो रही थी। इस वजह से मशीन गरम होने लगी। कुछ देर बाद बिजली पूरी तरह चली गई। माना गया कि बिजली की समस्या से मशीन गरम हो रही है। जब बिजली आई, तब भी मशीन नहीं चली। इस पर फिर से देखा गया तो दो मरे चूहे उसमें पड़े थे। उन्हें निकालने के बाद मशीन चालू हो सकी।
विज्ञापन
दिनभर में 20 मरीजों की होती है एमआरआई
एसआरएन अस्पताल में एमआरआई की सिर्फ एक मशीन है। इसे पुरानी बिल्डिंग में लगाया गया है। यहां रोजाना करीब 20 मरीजों की एमआरआई की जाती है जबकि जांच कराने वालों की संख्या दोगुनी होती है। ऐसे में मरीजों को छह से सात महीने बाद की तिथि दी जाती है।
विज्ञापन
वर्जनबार-बार लाइट कटने की वजह से मशीन गरम हो रही थी। इस वजह से एमआरआई होने में परेशानी आ रही थी। पैनल में चूहे घुसने की जानकारी नहीं है। शाम चार बजे एमआरआई मशीन को ठीक करके दोबारा शुरू किया गया।
- डॉ. जितेंद्र शुक्ला, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक, एसआरएन अस्पताल
तार पर गिरा पेड़, आपूर्ति बाधित
एसआरएन अस्पताल में सोमवार शाम चार बजे पेड़ टूटकर 440 केवीए लाइन पर गिर गया। रात करीब दो बजे के बाद आपूर्ति शुरू की गई। मगर ट्रिपिंग की समस्या मंगलवार को दिनभर बनी रही। इससे उमस में मरीजों को परेशान होना पड़ा।