रामनाथ कोविंद बोले : बार-बार चुनाव होने से बाधित होता है देश का विकास, इसी कार्यकाल में पेश होगा प्रस्ताव
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हर महीने, हर साल हर राज्य में कभी पंचायत का, कभी विधानसभा तो कभी लोकसभा का चुनाव होता है। इससे देश का विकास कार्य रुक जाता है। चुनाव आयोग ने बताया कि हर चुनाव में पांच लाख से सात लाख करोड़ तक का खर्च आता है।
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पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हर महीने, हर साल हर राज्य में कभी पंचायत का, कभी विधानसभा तो कभी लोकसभा का चुनाव होता है। इससे देश का विकास कार्य रुक जाता है। चुनाव आयोग ने बताया कि हर चुनाव में पांच लाख से सात लाख करोड़ तक का खर्च आता है। इससे हमारे देश की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ता है। अगर एक बार में चुनाव होता है तो एक ही खर्च में पूरा चुनाव खत्म हो जाएगा।
वह रविवार को दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरिद्वार की ओर से महाकुंभ में आयोजित वन नेशन वन इलेक्शन-आर्थिक, राजनीतिक, चुनाव सुधार एवं विकसित भारत के संदर्भ में विषयक व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि चुनाव में सबसे अहम रोल शिक्षकों का होता है। उसमें उनकी ड्यूटी लगती है और महीनों तक स्कूल बंद रहते हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान होता है।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा कि एक बार में चुनाव होने से देश के राजनीतिक और आर्थिक दोनों पहलू मजबूत होंगे। इससे देश का विकास होगा। क्योंकि, बार-बार चुनाव होने से हर बार आचार संहिता लगती है और छह-छह महीने के लिए विकास का काम रुक जाता है। केंद्र सरकार के इसी कार्यकाल में यह प्रस्ताव पास किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनीत सरन ने वन नेशन वन इलेक्शन को देश के हित के लिए फायदेमंद बताया। उन्होंने कहा कि अगर हमारे पूरे देश का चुनाव एक साथ होता है तो हम बहुत बड़े खर्चे से बच सकते हैं। इस दौरान दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक डॉ.आशीष गौतम, संजय चतुर्वेदी, महेश चतुर्वेदी उपस्थित रहे।