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तीन बार सांसद रहे रामनिहोर के राजनीतिक गुरु थे बहुगुणा

Thu, 16 May 2019 01:33 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 16 May 2019 01:33 AM IST
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Ramgillar's political guru was Bahuguna three times MP
ram nihor rakesh - फोटो : प्रयागराज
पूर्व सांसद रामनिहोर राकेश का जाना राजनीति और समाज दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है। दलित नेता के रूप में लोकप्रिय राकेश तीन बार सांसद रहे । कौशाम्बी तत्कालीन चायल लोकसभा से वर्ष 1977 से 80, 1980 से 84 तथा 1989 से 1991 तक उन्होंने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वह 1980-84 के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम रसायन उर्वरक मंत्रालय के तहत आयल सेलेक्शन बोर्ड के सदस्य भी रहे। सामाजिक क्षेत्र में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान किया।
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पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा को अपना राजनीतिक गुरु मानने वाले रामनिहोर राकेश, चायल संसदीय सीट से जीतने वालों में मसुरियादीन के बाद दूसरी सबसे ज्यादा सफल शख्सियत रहे। जंघई में जन्मे राकेश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एलएलएम तक की शिक्षा हासिल की थी। उन्होंने मनौरी एयरफोर्स में नौकरी भी की लेकिन बाद में नौकरी छोड़कर कचहरी में वकालत शुरू कर दी। फिर वह राजनीति में आ गए और तीन बार सांसद का सेहरा उनके नाम रहा, हालांकि उनकी हैट्रिक नहीं बन पाई।
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Ramgillar's political guru was Bahuguna three times MP
ram nihor rakesh - फोटो : प्रयागराज
वह भारतीय किसान दल बीकेडी से वर्ष 1977 व 1980 में निर्वाचित हुए। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। लेकिन, 1984 में पार्टी से उन्हें टिकट नहीं मिला। कांग्रेस ने डॉ.बिहारी लाल शैलेश को टिकट दिया और वह चुनाव जीते भी। ऐसे में रामनिहोर राकेश की हैट्र्कि नहीं बन सकी। इसके बाद वर्ष 1989 में उन्हें पार्टी ने टिकट दिया और वह बाजी मार ले गए। ऐसे में कहा जाने लगा था कि यदि पार्टी ने वर्ष1984 में भी उन पर भरोसा जताया होता तो संभवत: उनकी हैट्रिक बन गई होती।

रामनिहोर राकेेश के चार बेटों सहित एक बेटी भी थी। बेटी अर्चना राकेेश भदोही से विधान परिषद सदस्य चुनी गई थीं लेकिन वर्ष 2009 में उनका निधन हो गया। चार बेटों में से सबसे बड़े राजेश कुमार राकेश अधिवक्ता, दूसरे अखिलेश कुमार, तीसरे विमलेश कुमार राकेश हैं। इन्हीं की पत्नी सोनभद्र से जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। पिता को मुखाग्नि देने वाले रितेश राकेेश सबसे छोटे हैं।

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Ramgillar's political guru was Bahuguna three times MP
ram nihor rakesh - फोटो : प्रयागराज

राकेेश के निधन पर यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के अतिरिक्त पार्टीजनों ने भी दुख व्यक्त किया है। प्रदेश प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय के मुताबिक सोनिया ने राकेश को दलितों का लोकप्रिय और प्रभावी नेता बताया। उत्तराखंड के पार्टी प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह ने उनके निधन को पार्टी की अपूरणीय क्षति बताया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और फूलपुर उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी रहे मनीष मिश्र ने कहा, वह एक निष्ठावान राजनीतिज्ञ थे। उनके निधन से कांग्रेस ही नहीं समाज का भी बड़ा नुकसान हुआ है।

घर और घाट पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों में न्यायमूर्ति सभाजीत यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामपूजन पटेल, शेखर बहुगुणा, अनुग्रह नारायण सिंह, पूर्व सांसद शैलेन्द्र कुमार, योगेश शुक्ला, चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह, प्रदेश प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय, फुजैल हाशमी, अभय अवस्थी, विजय प्रकाश, अशोक वाजपेयी, हर्ष वाजपेयी, विजय मिश्रा, जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी, नफीस अनवर, शमीम आलम, संजय तिवारी, गिरीश पासी, निशांत त्रिपाठी, जावेद उर्फी, मुकुंद तिवारी, अजय श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
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