Raksha bandhan 2023 : सात समंदर पार पहुंच रहा बहनों का प्रेम, दो दिन में 60 राखियां हुईं पोस्ट
रक्षाबंधन पर्व के महत्व को देखते हुए डाक विभाग द्वारा सात दिन पहले से ही राखियों की बुकिंग शुरू कर दी गई है। हालांकि, इसके लिए अभी सिविल लाइंस स्थित प्रधान डाकघर में कोई अलग से काउंटर नहीं बनाया गया है। वहीं, स्वतंत्रता दिवस के बाद से राखियां पोस्ट करने वालों की भीड़ यहां लगने लगी है।
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कहते हैं कि भाई-बहन के प्रेम को कोई सीमा या दूरी कम नहीं कर सकती। कुछ ऐसा ही इस बार रक्षाबंधन के पर्व से पहले देखने को मिल रहा है। प्रधान डाकघर में पिछले चार दिनों से लंबी कतारों में लगकर बहनें अपने भाइयों के लिए राखी पोस्ट कर रही हैं। सिर्फ देश ही नहीं, विदेशों में रहने वाले भाइयों के लिए भी राखियां भेजी जा रही हैं। शनिवार की बात करें तो 25 से 30 राखियां अमेरिका, इंग्लैंड, श्रीलंका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस व इटली सहित अन्य देशों के लिए भेजी गई हैं।
रक्षाबंधन पर्व के महत्व को देखते हुए डाक विभाग द्वारा सात दिन पहले से ही राखियों की बुकिंग शुरू कर दी गई है। हालांकि, इसके लिए अभी सिविल लाइंस स्थित प्रधान डाकघर में कोई अलग से काउंटर नहीं बनाया गया है। वहीं, स्वतंत्रता दिवस के बाद से राखियां पोस्ट करने वालों की भीड़ यहां लगने लगी है। प्रतिदिन 150 से 200 लोग प्रधान डाकघर राखी पोस्ट करने के लिए पहुंच रहे हैं।
इसकी वजह से सामान्य दिनाें में चलने वाले काउंटरों पर काम का बोझ बढ़ गया है। डाक विभाग की मानें तो देश ही नहीं बल्कि विदेशों के लिए भी यहां से राखियां बुक हो रही हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार अधिक संख्या में लोग विदेशों में राखी पोस्ट कर रहे हैं। काउंटरों पर बढ़ती भीड़ के कारण कर्मचारियों पर काम का दबाव दोगुना हो गया है।
दस रुपये में वाटरप्रूफ राखी के लिफाफे
प्रधान डाकघर में राखी पोस्ट करने के लिए अलग से लिफाफे तैयार किए गए हैं। इनकी कीमत दस रुपये है। इन लिफाफों को सुंदर व आकर्षक ढंग से तैयार किया गया है। वहीं, यह लिफाफे वाटर प्रूफ भी हैं। कुल 1300 लिफाफे तैयार किए गए हैं, जिनमें से एक हजार लिफाफे उपडाकघर भेजे गए हैं। वहीं, 300 लिफाफे प्रधान डाकघर में रखे गए हैं।
अलग से बनेंगे काउंटर
लोगों की भीड़ सोमवार तक इसी तरह बनी रही तो प्रधान डाकघर में अलग से दो राखी काउंटर बनाए जाएंगे। यहां पर सिर्फ राखियों की बुकिंग होगी। यह व्यवस्था पिछले वर्ष भी यहां की गई थी। दो अतिरिक्त काउंटर बनने से कर्मचारियों पर काम का बोझ कम होगा और ग्राहकों को भी लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा।
स्वतंत्रता दिवस के बाद से राखियां पोस्ट करने वालों की संख्या बढ़ने लगी है। इसे देखते हुए अलग से दो काउंटर बनाने की तैयारी चल रही है। डाक विभाग इसका भी ख्याल रख रहा है कि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। - राजेश श्रीवास्तव, सीनियर पोस्ट मास्टर, प्रधान डाकघर