रेलवे : प्रयागराज में बनेगा 27 किलोमीटर लंबा रेल फ्लाईओवर, मुंबई रूट की ट्रेनों की कम होगी लेट लतीफी
कम होगी मुंबई रूट से आने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी, नैनी में नहीं फंसेंगी ट्रेनें, फ्लाई ओवर के माध्यम से मुंबई रूट को जोड़ा जाएगा वाराणसी रेल मार्ग से, गंगा पर बनेगा पुल, एनसीआर ने रेलवे बोर्ड को भेजा डीपीआर, तकरीबन 3600 करोड़ होगी लागत
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प्रयागराज में मुंबई रूट से आने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी को कम करने एवं प्रयागराज जंक्शन पर इंजनों की अदला-बदली में लगने वाले समय को बचाने के लिए 27 किलोमीटर लंबा रेल फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस रेल फ्लाई ओवर को मुंबई रूट से गंगापार के वाराणसी-प्रयागराज रामबाग रेलमार्ग से जोड़ा जाएगा। खास बात यह कि इस फ्लाईओवर से दो लिंक रेल फ्लाईओवर भी निकाले जाएंगे। उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने इसका डीपीआर तैयार कर रेलवे बोर्ड को स्वीकृति के लिए भेज दिया है। यह काम पांच से छह वर्ष में पूरा करने की बात कही गई है।
दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की ज्यादा आवाजाही की वजह से दक्षिण भारत और मुंबई से आने वाली अधिकांश ट्रेनें नैनी लिंक जंक्शन पर खड़ी करनी पड़ती है। इस वजह से इन ट्रेनों की लेटलतीफी बढ़ जाती है। इसके अलावा मुंबई रूट की बहुत सी ट्रेनें ऐसी हैं जो प्रयागराज जंक्शन के रास्ते वाराणसी जाती हैं। जंक्शन पर इन ट्रेनों के इंजन को बदले जाने में भी समय लगता है। इन्हीं सब दिक्कतों को दूर करने के लिए रेलवे ने मुंबई रूट की ट्रेनों को इरादतगंज से सीधे झूंसी के पास कुंवाडीह स्थित रामबाग-वाराणसी रेल ट्रैक से मिलाने की तैयारी की है।
इसके लिए कुल 26.9 किमी का एक रेल फ्लाईओवर इरादतगंज से सीधे झूंसी के कुंवाडीह को जोड़ेगा। इस दौरान गंगा पर रेलवे एक पुल भी बनाएगा। इस फ्लाई ओवर से दो लिंक फ्लाई ओवर भी निकाले जाएंगे। पहला लिंक छिवकी के पास तो दूसरा लिंक करछना रेलवे स्टेशन के पास दिल्ली-हावड़ा रूट से मिलेगा। इन दोनों ही लिंक की लंबाई साढ़े चार-साढ़े चार किलोमीटर रहेगी। इस तरह से इस पूरे फ्लाई ओवर की कुल लंबाई 35.858 किमी होगी।
118 हेक्टेयर जमीन का रेलवे करेगा अधिग्रहण
यमुनापार के इरादतगंज से गंगापार के कुंवाडीह को जोड़ने के लिए बनाए जाने वाले रेल फ्लाई ओवर के निर्माण के लिए 118 हेक्टेयर जमीन का रेलवे अधिग्रहण करेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत 3575 करोड़ रुपये रहेगी। एनसीआर प्रशासन द्वारा सर्वे कर इसका डीपीआर तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा है। रेलवे के निर्माण विंग ने ही यह डीपीआर तैयार किया था।
इरादतगंज से कुंवाडीह के बीच बनाए जाने वाले रेल फ्लाई ओवर में डबल लाइन रहेगी। जबकि इस पुल से निकलने वाले दो लिंक फ्लाई ओवर में सिंगल लाइन रहेगी। इरादतगंज में फ्लाई ओवर के आठ किलोमीटर के बाद ही पहली लिंक लाइन छिवकी एवं उससे कुछ दूर पर दूसरी लिंक लाइन करछना के लिए निकाली जाएगी। इस दौरान यह फ्लाई ओवर डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (डीएफसी) और हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग को ऊपर से ही क्रास करेगा।
एनसीआर प्रशासन द्वारा इस रूट का सर्वे कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर उसे एप्रूवल के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है। उम्मीद है कि बोर्ड द्वारा इसे एप्रूवल दे दिया जाएगा। -डा. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआर।