Railway News : वैष्णो देवी के साथ बाबा केदारनाथ धाम की राह हुई मुश्किल, जानें कितनी है वेटिंग
बीते दो साल में कोरोना महामारी ने पर्यटन की राह रोक रखी थी। अब महामारी के भय से उबरने के बाद आम लोग छुट्टियों में घूमने निकल रहे हैं। स्कूलों की छुट्टियां होने से 15 मई के बाद ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
धार्मिक पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाली ट्रेनों में बीते कुछ दिनों से एकाएक भीड़ बढ़ गई है। भीड़ का आलम ये है कि प्रयागराज से मां वैष्णो देवी, बाबा केदारनाथ धाम, तिरुपति बाला जी, द्वारका, शिरडी के निकटतम स्टेशनों की ओर जाने वाली ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची हो गई है। जून माह की किसी भी तिथि में संबंधित धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध नहीं है। इस बीच तमाम ट्रेनों के तत्काल टिकट भी चंद मिनटों में फुल हो जाने की वजह से यात्री खासे मायूस हैं।
रामबाग के संदीप गुप्ता का ही उदाहरण लें तो उन्हें 12 जून को हरिद्वार एक्सप्रेस से ऋषिकेश और उसके बाद वहां से केदारनाथ जाना है। संदीप ने पिछले माह 12 मई को ही अपना रिजर्वेशन हरिद्वार एक्सप्रेस में करवाया था, लेकिन तब उन्हें प्रतीक्षा सूची ही मिली थी। एक माह का वक्त होने की वजह से संदीप को लगा कि 12 जून आते-आते उसकी टिकट अपने आप ही कंफर्म हो जाएगी, लेकिन पांच जून तक उनकी प्रतीक्षा सूची बिल्कुल भी नहीं घटी। इसी तरह राजरूपपुर के देव श्रीवास्तव ने उधमपुर एक्सप्रेस से अपना रिजर्वेशन 07 जून का करवा रखा है। देव का कार्यक्रम पहले मां वैष्णो देवी जाने का है।
उसके बाद उन्हें अपने परिजनों के साथ कांगड़ा, धर्मशाला आदि जगह जाना है, लेकिन देव का रिजर्वेशन अब तक कंफर्म नहीं हो सका है। इस वजह से वह काफी परेशान भी है। देव ने अब सोमवार की सुबह अब तत्काल टिकट का प्रयास करने की बात कही है। देव और संदीप जैसे तमाम लोगों ने धार्मिक पर्यटन के लिए अपनी टिकट बुक करवा रखी है, लेकिन प्रतीक्षा सूची होने की वजह से उन सभी के सामने संकट हैं कि वह अपना सफर कैसे करें।
बीते दो वर्ष से कोरोना ने रोक रखी थी राह
बीते दो साल में कोरोना महामारी ने पर्यटन की राह रोक रखी थी। अब महामारी के भय से उबरने के बाद आम लोग छुट्टियों में घूमने निकल रहे हैं। स्कूलों की छुट्टियां होने से 15 मई के बाद ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। प्रयागराज से खासतौर से हरिद्वार, बरेेली, मुंबई, सिकंदराबाद, मनमाड, जम्मू, चंडीगढ़ आदि स्टेशनों की ओर जाने वाली ट्रेनों में बिल्कुल भी जगह नहीं है। दरअसल हरिद्वार तक ट्रेन से पहुंचने के बाद ही उत्तराखंड के चार धाम की यात्रा शुरू होती है।
इसी तरह से शिरडी जाने वाले यात्री मनमाड और मुंबई की ट्रेनों एवं वैष्णो देवी, ज्वाला जी, नगरकोट जाने वाले यात्री पठानकोट, जम्मू जाने वाली ट्रेन से ही सफर करते हैं। वहीं तिरुपति के लिए सीधी ट्रेन न होने की वजह से प्रयागराज से जाने वाले लोग अमूमन सिकंदराबाद तक का सफर ट्रेनों से करते हैं। लेकिन इन सभी स्टेशनों की ओर जाने वाली ट्रेनों में इस माह बिल्कुल भी जगह नहीं है।
ट्रेनों में तत्काल टिकट की सुविधा उपलब्ध है लेकिन इसका भी फायदा गिनती भर यात्रियों को ही हो रहा है। लाउदर रोड के अमित श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें सोमवार की शाम कामायनी एक्सप्रेस से मुंबई जाना है। इसके लिए रविवार की सुबह वह रामबाग स्टेशन पहुंचे, लेकिन जब तक उनका नंबर आता तब तक कामायनी के एसी थ्री श्रेणी के सभी टिकट बुक हो गए।
प्रयागराज से ट्रेनों में सीट उपलब्धता (स्लीपर क्लास)
11062 पवन एक्सप्रेस 06 जुलाई मुंबई के लिए
22178 महानगरी एक्सप्रेस 07 जुलाई मुंबई के लिए
14229 हरिद्वार एक्सप्रेस 03 जुलाई ऋषिकेश के लिए
22431 उधमपुर एक्सप्रेस 09 जुलाई जम्मूतवी के लिए
12792 दानापुर-सिकंदराबाद 31 जुलाई सिकंदराबाद के लिए
04141 प्रयागराज-उधमपुर 22 जुलाई जम्मूतवी के लिए
12417 प्रयागराज एक्सप्रेस 22 जून नई दिल्ली के लिए
12311 नेता जी एक्सप्रेस 17 जुलाई चंडीगढ़ के लिए
छुट्टी होने की वजह से इस सीजन में ट्रेनों में भीड़ बढ़ती है। यात्री सुविधा के मद्देनजर रेलवे ने इस बार कई समर स्पेशल ट्रेन भी चला रहा है। यात्री उन ट्रेनों का लाभ उठा सकते हैं। -डा. अमित मालवीय, सीनियर पीआरओ, एनसीआर।