Railway News : आईआरसीटीसी ने खींचे हाथ, रेलवे चला रहा महाकाल एक्सप्रेस
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पिछले वर्ष कोरोना के पूर्व शुरू हुई काशी महाकाल एक्सप्रेस से इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। तकरीबन 20 माह के बाद यह ट्रेन तो शुरू हो रही है लेकिन उसका संचालन अब आईआरसीटीसी की बजाय रेलवे करेगा। 14 नवंबर से यह ट्रेन एक बार फिर से शुरू हो रही है। हालांकि इसके एक फेरे की ही समय सारिणी रेलवे ने जारी की है। पहले की तरह ही काशी महाकाल का संचालन वाराणसी से प्रयागराज जंक्शन के रास्ते उज्जैन और इंदौर के लिए होगा।
पिछले वर्ष 16 फरवरी को ही काशी महाकाल एक्सप्रेस की शुरुआत हुई थी। तब पीएम मोदी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। लॉकडाउन के पूर्व ही इसका संचालन बंद हुआ। देश की इस तीसरी कॉरपोरेट ट्रेन काशी महाकाल एक्सप्रेस तो तब पर्याप्त यात्री नहीं मिले। इस वजह से अब इस ट्रेन का संचालन आईआरसीटीसी नहीं करेगा। आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत कुमार सिन्हा ने इसकी पुष्टि की है।
उनके मुताबिक ट्रेन उत्तर रेलवे द्वारा संचालित की जाएगी। उधर शनिवार को वाराणसी-इंदौर काशी महाकाल एक्सप्रेस की समय सारिणी रेलवे ने जारी कर दी। एनसीआर के सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा के मुताबिक वाराणसी से इंदौर और इंदौर से वाराणसी तक इस ट्रेन की केवल दो ट्रिप आयोजित की जाएंगी।
वाराणसी से गाड़ी संख्या 82403 रविवार 14 नवंबर की दोपहर 3.15 बजे चलकर शाम 5.30-5.35 बजे प्रयागराज जंक्शन एवं अगले दिन सुबह 7.05 बजे उज्जैन और 9.05 बजे इंदौर पहुंच जाएगी। वापसी में गाड़ी संख्या 82484 इंदौर से 15 नवंबर की सुबह 10.15 बजे चलकर रात 1.25-1.30 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंच जाएगी।
तीन ज्योतिर्लिंगों को जोड़ती है काशी महाकाल
12 कोच की काशी महाकाल सुपरफास्ट, वातानुकूलित ट्रेन है, जिसमें दस कोच एसी थ्री एवं दो एसएलआर के कोच रहेंगे। यह ट्रेन तीन ज्योतिर्लिंगों- ओंकारेश्वर (इंदौर के पास), महाकालेश्वर (उज्जैन) और काशी विश्वनाथ (वाराणसी) को जोड़ती है।