Prayagraj : फर्जी तरीके से 15 हजार बांग्लादेशी के रहने की आशंका पर धूमनगंज, करेली में छापेमारी, मचा हड़कंप
जिले में फर्जी तरीके से 15,000 से ज्यादा बांग्लादेशी के रहने की आशंका पर शुक्रवार को धूमनगंज के हरवारा और करेली के मुर्गा दरबार की बस्तियों में छापेमारी की गई। लखनऊ से आई टीम के साथ स्थानीय पुलिस के पहुंचने पर पहचान पत्र मांगे गए तो कुछ लोग भाग निकले।
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जिले में फर्जी तरीके से 15,000 से ज्यादा बांग्लादेशी के रहने की आशंका पर शुक्रवार को धूमनगंज के हरवारा और करेली के मुर्गा दरबार की बस्तियों में छापेमारी की गई। लखनऊ से आई टीम के साथ स्थानीय पुलिस के पहुंचने पर पहचान पत्र मांगे गए तो कुछ लोग भाग निकले।
बांग्लादेशी घुसपैठियों की जांच के लिए पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. सूर्यकुमार के नेतृत्व में टीम बनाई गई है। टीम प्रदेश के अलग-अलग जिलों में छानबीन कर रही है। इनपुट के आधार पर शुक्रवार सुबह टीम स्थानीय पुलिस के साथ धूमनगंज के हरवारा और करेली के मुर्गा दरबार की बस्तियों में पहुंची।
यहां पूछताछ के बाद 25 से ज्यादा लोगों के आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज जांचे गए। वहीं, पहचान पत्र मांगने पर कई लोग भाग निकले। इसके बांग्लादेशी होने की संभावना व्यक्त की गई है, हालांकि जांच में किसी के बांग्लादेशी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचित करें
पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. सूर्यकुमार ने आशंका जताई है कि जिले में करीब 10 से 15 हजार घुसपैठी बांग्लादेशी हो सकते हैं, इसलिए सभी झुग्गी-झोपड़ियों में सत्यापन किया जा रहा है। ज्यादातर बांग्लादेशी कूड़ा उठाने, कपड़ा बेचने, मजदूरी करने, कबाड़ बेचने का काम करते हैं। ये लोग अधिकतर अपना ठिकाना रेलवे लाइन के किनारे या फिर नहर और तालाब के पास बनाते हैं। लोगों से अपील है कि अगर कोई संदिग्ध गतिविधि में दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
एसआईआर से दस्तावेज का सत्यापन
टीम को आशंका है कि कई लोगों ने यहां पर बसने के लिए फर्जी आधार कार्ड या फिर अन्य पहचान पत्र बनवाए होंगे, इसलिए सभी के आधार कार्ड को संबंधित जिलों में भेजकर जांच करवाई की जाएगी। वहीं, एसआईआर के माध्यम से भी दस्तावेज का सत्यापन किया जाएगा। डॉ. सूर्यकुमार ने बताया कि प्रयागराज के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, मेरठ, लखनऊ, बरेली समेत अन्य शहरों में बांग्लादेशी ने अपना ठिकाना बनाया है।