UP: राहुल गांधी को हाईकोर्ट से झटका, अमेरिका में भारत के सिखों पर की गई टिप्पणी मामले में चुनौती याचिका रद्द
Rahul Gandhi News : रायबरेली के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका लगा है। स्पेशल कोर्ट वाराणसी के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
विस्तार
अमेरिका में सिखों को लेकर की गई कथित टिप्पणी मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने इस संबंध में की गई शिकायत को खारिज करने के संबंध में दाखिल पुनरीक्षण अर्जी खारिज कर दी है। ऐसे में अब वाराणसी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल की गई शिकायत पर सुनवाई होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने दिया है।
वाराणसी निवासी नागेश्वर ने राहुल गांधी के अमेरिका में सिखों को लेकर दिए गए बयान के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष कंप्लेन फाइल किया था। 28 नवंबर 2024 को कोर्ट ने कंप्लेन खारिज कर दी। कहा कि यह मामला अमेरिका में दिए गए बयान से जुड़ा है। यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इसके बाद वादी ने अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष अदालत) के समक्ष निगरानी याचिका दाखिल की। 21 जुलाई 2025 को अदालत ने निगरानी याचिका स्वीकार कर ली और न्यायिक मजिस्ट्रेट को नए सिरे से मामले को सुनने के लिए वापस भेज दिया। इस फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में पुनरीक्षण अर्जी दाखिल की थी।
मीडिया में खबरों के आधार पर दी गई है अर्जी
विपक्ष के नेता होने के नाते विदेश में इस तरह का बयान देना निंदनीय है। मामले में अभी कोई एफआईआर नहीं है। यह अर्जी समय पूर्व दाखिल की गई है। ऐसे में कोर्ट विवेचना के लिए आदेश दे सकती है। जांच से ही मामले की सच्चाई सामने आएगी। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। शुक्रवार को कोर्ट ने आदेश जारी कर पुनरीक्षण अर्जी खारिज कर दी।
यह है पूरा मामला
यह मामला सितंबर 2024 का है। राहुल गांधी ने अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर कहा था कि भारत में सिखों के लिए माहौल अच्छा नहीं है, क्या सिख पगड़ी पहन सकते हैं, कड़ा रख सकते हैं और गुरुद्वारे जा सकते हैं? उनके इस बयान को भड़काऊ और समाज में विभाजनकारी बताते हुए विरोध हुआ था।
वाराणसी निवासी नागेश्वर मिश्रा ने इस बयान के खिलाफ सारनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता न मिलने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) ने 28 नवंबर 2024 को यह कहते हुए वाद खारिज कर दिया कि मामला अमेरिका में दिए गए भाषण से जुड़ा है और यह उनके क्षेत्राधिकार से बाहर है। इसके बाद नागेश्वर मिश्रा ने सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की जिसे 21 जुलाई 2025 को विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) की अदालत ने स्वीकार कर लिया।
अब इस फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है। दलील दी गई है कि वाराणसी अदालत का आदेश गलत, अवैध और अधिकार क्षेत्र से बाहर है। लिहाजा जब तक यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है तब वाराणसी अदालत के आदेश पर रोक लगाई जाए।