यूपीपीएससी : सांख्यिकी अधिकारी के दो पदों के लिए नहीं मिले योग्य अभ्यर्थी
वन एवं वन्य जीव विभाग में सांख्यिकी अधिकारी के दो पदों के लिए योग्य अभ्यर्थी ही नहीं मिले। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से इन पदों पर सीधी भर्ती के तहत आवेदन मांगे गए थे।
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वन एवं वन्य जीव विभाग में सांख्यिकी अधिकारी के दो पदों के लिए योग्य अभ्यर्थी ही नहीं मिले। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से इन पदों पर सीधी भर्ती के तहत आवेदन मांगे गए थे। इनके लिए 31 जनवरी को आयोजित साक्षात्कार में दो अभ्यर्थी शामिल भी हुए, लेकिन वे आयोग की ओर निर्धारित न्यूनतम अंक भी प्राप्त नहीं कर सके। इसकी वजह से इनका चयन नहीं हो सका और दोनों पद खाली रह गए।
आयोग की ओर से प्राविधिक शिक्षा विभाग में कर्मशाला निदेशक के सात पदों का परिणाम भी शुक्रवार को घोषित किया गया। अनारक्षित के चार, ओबीसी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति के एक-एक पद थे। इनमें से अनुसूचित जन जाति के पद के लिए अभ्यर्थी नहीं मिले। इसलिए अनुसूचित जाति के अभ्यर्थी का चयन किया गया। क्षैतिज आरक्षण के तहत एक पद महिलाओं के लिए था, लेकिन योग्य उम्मीदवार नहीं मिला। आयोग की ओर से घोषित परिणाम के अनुसार इन सात पदों के लिए प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, दानिश, सुनील कुमार पांडेय, अतुल शर्मा, मुकेश कुमार, देवेंद्र कुमार एवं ऋषिपाल का चयन किया गया।
आयोग की ओर से राजकीय कॉलेजों में सहायक आचार्य ब्लड बैंक के दो पदों का परिणाम घोषित कर दिया गया। साक्षात्कार 31 जनवरी को हुुआ था। इसमें एक पर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित, रहा लेकिन योग्य अभ्यर्थी नहीं मिला। इसकी वजह से पद खाली रह गया। एक अन्य पद पर नीता वर्मा का चयन किया गया।
आयोग ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य सामान्य मेडिसिन के तीन पदों के लिए 30 जनवरी को साक्षात्कार आयोजित किया था। इनमें से एक पद अनारक्षित था। इसी तरह से एक-एक पद ओबीसी तथा अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रहा, लेकिन तीनों कैटेगरी में काेई भी अभ्यर्थी साक्षात्कार में शामिल नहीं हुआ। इसकी वजह से तीनों पद खाली रह गए। अब इन पदों के लिए फिर से आवेदन लिए जाएंगे।
कृषि के बाद परिवहन में सबसे अधिक रोजगार
सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में आयोजित सात दिनी कार्यशाला के अंतर्गत शुक्रवार को सुरक्षित यात्रा पर चर्चा हुई। आरटीओ के क्षेत्रीय निरीक्षक संजय कुमार गुप्त ने कहा कि कृषि के बाद परिवहन क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार है लेकिन दुर्भाग्य है कि इस क्षेत्र में सबसे अधिक दुर्घटनाएं भी होती हैं।
उत्तर प्रदेश इस मामले में पहले पायदान पर है। उन्होंने गोल्डेन ऑवर की चर्चा करते हुए कहा कि यदि किसी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो जान बचाई जा सकती है। उन्होंने दुर्घटना के कारणों पर भी विस्तार से चर्चा की तथा छात्र-छात्राओं से सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने की अपील की। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में डॉ.अजय कुमार श्रीवास्तव, एनएसएस प्रभारी डॉ.अरविंद मिश्र, डॉ.रुचि गुप्ता, डॉ.आलोक मिश्र, डॉ.शैलेश यादव आदि मौजूद रहे।
प्रोफेसर लोकेंद्र अनुभागीय अध्यक्ष चुने गए
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लोकेंद्र कुमार को 109वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस के भौतिकी विज्ञान का अनुभागीय अध्यक्ष चुना गया है। प्रोफेसर लोकेश भारतीय विज्ञान कांग्रेस 2023-24 के लिए परिषद के सदस्य भी होंगे।
केपीयूसी में आवेदन शुरू
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के केपीयूसी छात्रावास में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र दिन में 10 से चार बजे के बीच फार्म प्राप्त एवं जमा कर सकते हैं। 14 फरवरी आखिरी तारीख है।