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PWD Promotion Scam : पदावनत अवर अभियंताओं पर लटकी बर्खास्तगी की लटकी तलवार

Sat, 28 May 2022 09:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 28 May 2022 09:50 PM IST
सार

पीडब्ल्यूडी में अवर अभियंता पद से हटाकर पदावनत किए गए 106 अवर अभियंताओं ने लिपिक के मूल पद ज्वाइन से इंकार कर दिया है। शासन की ओर से गठित कमेटी की ओर से इनके डिप्लोमा अमान्य पाए जाने और नियम के विपरीत प्रोन्नति दिए जाने की पुष्टि होने पर इनको बीते माह पदावनत कर दिया गया था।

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PWD Promotion Scam: The sword of dismissal hangs on the demoted junior engineers
प्रमोशन - फोटो : amar ujala

विस्तार

लिपिक पदों पर पदावनत किए गए अवर अभियंताओं की ओर से प्रमुख अभियंता (परिकल्प एवं नियोजन) के दफ्तर घुसकर मारपीट और हंगामा करने के मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। प्रमुख अभियंता ने इस मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही जेई से पदावनत किए जाने वाले लिपिकों के मूल पद पर ज्वाइन न करने पर निलंबन की कार्रवाई करने के लिए भी कहा है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मारपीट करने वाले कर्मियों को चिह्नित किया जा रहा है। इस मामले में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों की बर्खास्तगी के भी संकेत मिले हैं।

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पीडब्ल्यूडी में अवर अभियंता पद से हटाकर पदावनत किए गए 106 अवर अभियंताओं ने लिपिक के मूल पद ज्वाइन से इंकार कर दिया है। शासन की ओर से गठित कमेटी की ओर से इनके डिप्लोमा अमान्य पाए जाने और नियम के विपरीत प्रोन्नति दिए जाने की पुष्टि होने पर इनको बीते माह पदावनत कर दिया गया था। इस बीच मूल पद पर जाने की की ये अवर अभियंता एक साथ मेडिकल लीव पर चल रहे हैं। शासन की ओर से पदावनत आदेश जारी होने के बाद किसी ने भी अपने मूल पदों पर योगदान आख्या नहीं दी है।
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पीडब्ल्यूडी में नियमों को ताक पर रखकर लिपिक से जेई बनाए गए 106 अभियंताओं ने शासन के पदावनत आदेश को ताक पर रख दिया है। पिछले नौ वर्ष से लिपिक संवर्ग से पदोन्नति पाकर जेई का वेतन लेने वाले इन अभियंताओं से रिकवरी की तैयारी की जा रही थी। लेकिन, अभी तक उन अभियंताओं ने पदावनत किए जाने के बाद अपने मूल पदों पर योगदान आख्या ही नहीं दी है।  

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नियम के विरुद्ध किया गया था प्रमोशन

दूरस्थ शिक्षा केंद्रों के डिप्लोमा के आधार पर लिपिकीय संवर्ग से पदोन्नति पाने वाले इन अवर अभियंताओं ने शासन के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए चिकित्सा अवकाश लेने वाले इन कर्मियों ने अवर अभियंता के पद पर ज्वाइन कराने के लिए प्रमुख अभियंता दफ्तर में हंगामा और मारपीट कर नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। प्रमुख अभियंता ने इस मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। शासन ने इस मामले में पूछा है कि आखिर जब पदावनत किए गए कर्मी चिकित्सा अवकाश पर थे, तब वह शनिवार को ज्वाइनिंग के लिए बवाल काटने कैसे पहुंच गए।


अफसरों के मुताबिक लिपिकीय संवर्ग की प्रोन्नति के लिए जारी नियमावली के तहत जेई के 95 फीसदी पदों को आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती के जरिए भरा जाना था। जबकि, पांच प्रतिशत पदों पर विभाग में नियुक्त समूह ग के लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति दी जानी थी। लेकिन, पदोन्नति में मानक का ध्यान नहीं रखा गया। इस मामले में नियुक्ति से पहले डिप्लोमा का सक्षम संवैधानिक संस्था से सत्यापन भी नहीं करवाया गया। इस मामले की जांच के लिए गठित कमेटी ने इनके डिप्लोमा को अमान्य ठहराते हुए प्रोन्नति का आदेश निरस्त कर दिया है। 

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