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बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए 14 नए उपकेंद्रों की स्थापना का प्रस्ताव
Wed, 18 Aug 2021 03:26 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 18 Aug 2021 03:26 PM IST
सार
ओवरलोडिंग और फाल्ट की वजह से आएदिन बिजली संकट का सामना करने से अब आने वाले समय में निजात मिल जाएगी। इसके लिए डिविजनवाइज लाइनों, ट्रांसफारमरों के उच्चीकरण की योजना बनाई जा रही है।
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Proposal to set up 14 new sub-stations to improve power supply
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विस्तार
ओवरलोडिंग और फाल्ट की वजह से आएदिन बिजली संकट का सामना करने से अब आने वाले समय में निजात मिल जाएगी। इसके लिए डिविजनवाइज लाइनों, ट्रांसफारमरों के उच्चीकरण की योजना बनाई जा रही है। शहर की बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए 14 नए उपकेंद्रों की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया गया है, ताकि, फीडरों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा सके।
कोरोड़ों रुपये की लागत से तेलियरगंज-मिंटोपार्क डबल सर्किट लाइन बनने के बाद भी शहर की बिजली आपूर्ति में बहुत सुधार नहीं आ सका है। शहर के कई मुहल्लों में कटियामारी से ओवरलोडिंग की समस्या और भी पस्त किए हुए है। शहर के सात डिवीजनों में प्रतिमाह होने वाली करीब 250 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति में से 30 फीसदी बिजली कटियामारी के जरिए चोरी जा रही है। कोविड संक्रमण कम होने के बाद हाल के दिनों में बिजली चोरी के खिलाफ करेलाबाग, कल्याणी देवी, रामबाग, बम्हरौली डिवीजनों में चलाए गए अभियान में कई मुहल्लों में एसी, फ्रिज जैसे उपकरण मीटर बाईपास और केबल क्रास कर चलते पाए गए।
अफसरों का मानना है कि जब तक बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लगेगा, तब तक आपूर्ति में सुधार लाना टेढ़ी खीर होगी। फिलहाल इस तरह की समस्याओं से पार पाने के लिए बढ़ती आबादी के बीच संसाधनों को बढ़ाने और लाइनों को उच्चीकृत करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत डिवीजनवाइज सर्वे कराया गया है। लाइनों और ट्रांसफारमरों के उच्चीकरण के साथ ही 14 नए उपकेंद्रों की स्थापना का प्रस्ताव बनाया गया है। इसमें हर डिवीजन में दो-दो उपकेंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। ओवरलोडिंग और कटियामारी की समस्या से सबसे अधिक जूझने वाले करेलाबाग डिवीजन में दो नए उपकेंद्रों की स्थापना होगी। इसी तरह बम्हरौली, म्योहाल, टैगौर टाउन, रामबाग, नैनी, कल्याणी देवी डिवीजनों में भी दो-दो नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव है।
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लाइनों के उच्चीकरण के साथ ही नए उपकेंद्रों की स्थापना का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। ये प्रस्ताव इलाकावार फीडबैक के आधार पर तैयार किए गए हैं। इनमें उपकेंद्रों की संख्या अभी घट बढ़ भी सकती है। -आरके सिंह, अधीक्षण अभियंता।
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कोरोड़ों रुपये की लागत से तेलियरगंज-मिंटोपार्क डबल सर्किट लाइन बनने के बाद भी शहर की बिजली आपूर्ति में बहुत सुधार नहीं आ सका है। शहर के कई मुहल्लों में कटियामारी से ओवरलोडिंग की समस्या और भी पस्त किए हुए है। शहर के सात डिवीजनों में प्रतिमाह होने वाली करीब 250 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति में से 30 फीसदी बिजली कटियामारी के जरिए चोरी जा रही है। कोविड संक्रमण कम होने के बाद हाल के दिनों में बिजली चोरी के खिलाफ करेलाबाग, कल्याणी देवी, रामबाग, बम्हरौली डिवीजनों में चलाए गए अभियान में कई मुहल्लों में एसी, फ्रिज जैसे उपकरण मीटर बाईपास और केबल क्रास कर चलते पाए गए।
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अफसरों का मानना है कि जब तक बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लगेगा, तब तक आपूर्ति में सुधार लाना टेढ़ी खीर होगी। फिलहाल इस तरह की समस्याओं से पार पाने के लिए बढ़ती आबादी के बीच संसाधनों को बढ़ाने और लाइनों को उच्चीकृत करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत डिवीजनवाइज सर्वे कराया गया है। लाइनों और ट्रांसफारमरों के उच्चीकरण के साथ ही 14 नए उपकेंद्रों की स्थापना का प्रस्ताव बनाया गया है। इसमें हर डिवीजन में दो-दो उपकेंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। ओवरलोडिंग और कटियामारी की समस्या से सबसे अधिक जूझने वाले करेलाबाग डिवीजन में दो नए उपकेंद्रों की स्थापना होगी। इसी तरह बम्हरौली, म्योहाल, टैगौर टाउन, रामबाग, नैनी, कल्याणी देवी डिवीजनों में भी दो-दो नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव है।
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लाइनों के उच्चीकरण के साथ ही नए उपकेंद्रों की स्थापना का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। ये प्रस्ताव इलाकावार फीडबैक के आधार पर तैयार किए गए हैं। इनमें उपकेंद्रों की संख्या अभी घट बढ़ भी सकती है। -आरके सिंह, अधीक्षण अभियंता।