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सीसैट पर प्रतियोगियों के पक्ष में भेजा गया प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 01 Apr 2017 01:32 AM IST
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यूपी
- फोटो : source
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सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूट टेस्ट (सीसैट) से प्रभावित पीसीएस परीक्षा-2013 के प्रतियोगियों को जल्द ही राहत मिल सकती है। अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त अवसर दिए जाने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने शासन को भेज दिया है। अब शासन के फैसले पर निर्भर करता है कि प्रतियोगियों को राहत मिलेगी या नहीं। अगर शासन की इस पर मुहर लग जाती है तो प्रभावित अभ्यर्थियों को निर्धारित आयु सीमा पूरी करने के बाद भी पीसीएस परीक्षा में शामिल होने का एक मौका और मिल जाएगा।
सीसैट लागू होने के कारण वर्ष 2013 में बड़ी संख्या वे अभ्यर्थी प्रभावित हुए थे, जो 2013 में पीसीएस परीक्षा में शामिल होने की निर्धारित आयु पूरी कर रहे थे। ऐसे प्रतियोगियों की मांग थी कि उन्हें दो अतिरिक्त अवसर दिए जाएं लेकिन उस वक्त आयोग इस पर राजी नहीं हुआ। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद परिस्थितियां भी बदलीं और अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इस बाबत एक अनापत्ति पत्र शासन को भेज दिया है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक शासन को प्रस्ताव भेजा गया है कि पीसीएस परीक्षा-2013 में सीसैट से प्रभावित प्रतियोगियों को अगर एक अतिरिक्त अवसर दिया जाता है तो इस पर आयोग को कोई आपत्ति नहीं होगी।
आयोग की अनापत्ति के बाद इस बात के आसार बढ़ गए हैं कि शासन सीसैट से प्रभावित अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त अवसर प्रदान कर सकता है। हालांकि शासन स्तर से कोई फैसला होने तक असमंजस की स्थिति बनी रहेगी। गौरतलब है कि आईएएस परीक्षा में सीसैट से प्रभावित अभ्यर्थियों को दो अतिरिक्त अवसर पहले ही दिया जा चुका है। साथ ही आयु सीमा 30 से बढ़ाकर 32 वर्ष कर दी गई है। पीसीएस में भी आयु सीमा 35 से बढ़ा 40 वर्ष की गई लेकिन सीसैट पर प्रभावित अभ्यर्थियों को कोई राहत नहीं दी गई। आईएएस परीक्षा के आधार पर सीसैट से प्रभावित अभ्यर्थी पीसीएस परीक्षा में भी दो अतिरिक्त अवसर दिए जाने की मांग कर रहे थे। आयोग की अनापत्ति के बाद अगर अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त अवसर भी मिल जाता है तो उनके लिए बड़ी राहत होगी।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में फेरबदल के संकेत मिलने लगे हैं। चर्चा है कि लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अनुरुद्ध यादव मुख्यमंत्री से मिलने के लिए शनिवार को लखनऊ जा रहे हैं। साथ ही उनकी जगह आयोग के किसी वरिष्ठ सदस्य को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी यह संभावित बदलाव कयासों तक ही सीमित हैं।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद शासन के निर्देश पर सबसे पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में इंटरव्यू और भर्तियों पर रोक लगाई गई। इंटरव्यू और भर्तियों का क्या होगा, इस पर शासन ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। ऐसे में सवाल उठ रहे थे कि मौजूदा अध्यक्ष और विशेषज्ञों के पैनल की मौजूदगी में इंटरव्यू और भर्ती प्रक्रिया शुरू हो पाएगी या नहीं। इसे देखते हुए कयास लगाए जा रहे थे कि आयोग में कोई बदलाव हो सकता है। अब आयोग के अध्यक्ष लखनऊ में सीएम से मिलने जा रहे हैं तो इस नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि नजदीकी भविष्य में आयोग में बदलाव हो सकता है। चर्चा तो यहां तक है कि किन्हीं परिस्थितियों में अध्यक्ष की कुर्सी खाली होती है तो आयोग के एक रिटायर पुलिस अफसर को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। फिलहाल इस बारे में आयोग का कोई भी अफसर बोलने को तैयार नहीं है, सबकुछ कयासों तक सीमित है।
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सीसैट लागू होने के कारण वर्ष 2013 में बड़ी संख्या वे अभ्यर्थी प्रभावित हुए थे, जो 2013 में पीसीएस परीक्षा में शामिल होने की निर्धारित आयु पूरी कर रहे थे। ऐसे प्रतियोगियों की मांग थी कि उन्हें दो अतिरिक्त अवसर दिए जाएं लेकिन उस वक्त आयोग इस पर राजी नहीं हुआ। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद परिस्थितियां भी बदलीं और अब उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इस बाबत एक अनापत्ति पत्र शासन को भेज दिया है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक शासन को प्रस्ताव भेजा गया है कि पीसीएस परीक्षा-2013 में सीसैट से प्रभावित प्रतियोगियों को अगर एक अतिरिक्त अवसर दिया जाता है तो इस पर आयोग को कोई आपत्ति नहीं होगी।
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आयोग की अनापत्ति के बाद इस बात के आसार बढ़ गए हैं कि शासन सीसैट से प्रभावित अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त अवसर प्रदान कर सकता है। हालांकि शासन स्तर से कोई फैसला होने तक असमंजस की स्थिति बनी रहेगी। गौरतलब है कि आईएएस परीक्षा में सीसैट से प्रभावित अभ्यर्थियों को दो अतिरिक्त अवसर पहले ही दिया जा चुका है। साथ ही आयु सीमा 30 से बढ़ाकर 32 वर्ष कर दी गई है। पीसीएस में भी आयु सीमा 35 से बढ़ा 40 वर्ष की गई लेकिन सीसैट पर प्रभावित अभ्यर्थियों को कोई राहत नहीं दी गई। आईएएस परीक्षा के आधार पर सीसैट से प्रभावित अभ्यर्थी पीसीएस परीक्षा में भी दो अतिरिक्त अवसर दिए जाने की मांग कर रहे थे। आयोग की अनापत्ति के बाद अगर अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त अवसर भी मिल जाता है तो उनके लिए बड़ी राहत होगी।
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में फेरबदल के संकेत मिलने लगे हैं। चर्चा है कि लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अनुरुद्ध यादव मुख्यमंत्री से मिलने के लिए शनिवार को लखनऊ जा रहे हैं। साथ ही उनकी जगह आयोग के किसी वरिष्ठ सदस्य को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी यह संभावित बदलाव कयासों तक ही सीमित हैं।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद शासन के निर्देश पर सबसे पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में इंटरव्यू और भर्तियों पर रोक लगाई गई। इंटरव्यू और भर्तियों का क्या होगा, इस पर शासन ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। ऐसे में सवाल उठ रहे थे कि मौजूदा अध्यक्ष और विशेषज्ञों के पैनल की मौजूदगी में इंटरव्यू और भर्ती प्रक्रिया शुरू हो पाएगी या नहीं। इसे देखते हुए कयास लगाए जा रहे थे कि आयोग में कोई बदलाव हो सकता है। अब आयोग के अध्यक्ष लखनऊ में सीएम से मिलने जा रहे हैं तो इस नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि नजदीकी भविष्य में आयोग में बदलाव हो सकता है। चर्चा तो यहां तक है कि किन्हीं परिस्थितियों में अध्यक्ष की कुर्सी खाली होती है तो आयोग के एक रिटायर पुलिस अफसर को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। फिलहाल इस बारे में आयोग का कोई भी अफसर बोलने को तैयार नहीं है, सबकुछ कयासों तक सीमित है।