फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   professor said that he is not accused

प्राफेसर ने कहा वह अरोपी नहीं

Wed, 03 Jun 2020 12:57 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2020 12:57 AM IST
विज्ञापन
professor said that he is not accused
प्रोफेसर की ओर से प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र में तर्क रखा गया कि वह नामजद अभियुक्त नहीं है। उन्हें गलत फंसाया गया है। वह विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। सात मार्च को मरकज में शामिल होने दिल्ली गए थे और 10 मार्च को वह लौट आए थे । उसके बाद विश्वविद्यालय की परीक्षा में ड्यूटी भी किया था। तब तक यूपी सरकार की ओर से कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया था, जिसके कारण उन्होंने न सूचना दी और न ही जांच कराई थी। बाद में उन्हें 14 अप्रैल को क्वारंटीन किया गया और जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। प्रोफेसर की ओर से कहा गया कि वह हर साल मरकज के जलसे में जाते हैं। 21 मार्च को कुछ लोग दिल्ली से आकर बिहार जा रहे थे।
विज्ञापन


जनता कर्फ्यू के कारण वह लोग आगे नहीं जा पा रहे थे। मरकज के किसी व्यक्ति ने मुझे फोन करके बताया कि इन्हें वहां रुकना है, जिसके बाद उन्होंने मस्जिद मुसाफिरखाना के प्रबंधक का फोन नंबर दे दिया था। मेरी उन लोगों से कोई मुलाकात नहीं हुई थी और ना ही बात हुई थी। प्रोफेसर के अलावा ख्वाजा सबीउद्दीन, डा. मसीहउल्ला खान, मो. अहमद, मो. तारिक, मो. शकील, वसीम अहमद, रिवानुल हक, मो. मुस्तफा की जमानत अर्जियों पर भी सुनवाई हुई। इन लोगों का पक्ष अधिवक्ता एसए नसीम गुड्डू ने रखा। इनका कहना था कि उपरोक्त लोगों पर विदेशी अधिनियम लागू नहीं होता है क्योंकि वह सभी भारतीय हैं और न तो वे स्वयं संक्रमित हैं और न उनके द्वारा संक्रमण फैलाया गया। कोर्ट ने जमानत का आधार पाते हुए प्रोफेसर शाहिद की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed