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पहली बार 64 के पार डीजल का दाम

Mon, 29 Jan 2018 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 29 Jan 2018 01:36 AM IST
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Price of diesel across 64 for the first time
पेट्रोल और डीजल - फोटो : file photo
संगम नगरी में डीजल अपने अब तक के  सर्वाधिक दाम 64.24 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच चुका है। राफ्ता-राफ्ता डीजल के दाम में पिछले सात माह के दौरान नौ रुपये से ज्यादा की वृद्धि हुई है। पिछले कुछ रोज से डीजल के दाम में प्रतिदिन वृद्धि देखने को मिली है। डीजल की तरह ही  पेट्रोल की भी बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं को खासा परेशान कर दिया है। एक जुलाई 2017 के मुकाबले पेट्रोल के दाम में जहां अब तक तकरीबन आठ रुपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है तो वहीं डीजल की बढ़त नौ रुपये प्रति लीटर से  ज्यादा की हो चुकी है। हर रोज पेट्रोल-डीजल की बढ़ रही कीमतों से आम शहरी खासे परेशान है।
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अमूमन डीजल के मुकाबले पेट्रोल की कीमतें ज्यादा तेजी से बढ़ती हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। बीते सात माह के दौरान पेट्रोल के दाम में जहां 7.90 रुपये बढ़े तो वहीं डीजल में यह वृद्धि 9.23 रुपये प्रति लीटर की हो गई। सिर्फ जनवरी माह की ही बात करें तो 28 जनवरी तक डीजल के दाम में 3.62 रुपये प्रति लीटर तो पेट्रोल के दाम में 2.26 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। 22 नवंबर 2017 के बाद से डीजल के दाम में हर रोज कुछ न कुछ बढ़ोत्तरी हो रही है। इसी वजह से पिछले 69 दिनों से अब तक डीजल 4.82 रुपये महंगा हो चुका है। उधर पेट्रोल की कीमतें दस दिसंबर से लगातार बढ़ रही है।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत आधी होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल महंगा होना लोगों की समझ से परे है। एक आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2008 में अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की उच्चतम स्तर पर 145.85 डॉलर प्रति बैरल हो गई थी। हालांकि तब डीजल का दाम 40 रुपये प्रति लीटर से कम था, जबकि पेट्रोल का रेट 55 रुपये के आसपास था। 2014 के बाद से लगातार कच्चे तेल की कीमतें गिरी हैं। वर्तमान समय कच्चे तेल की कीमत 66 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। दस जनवरी के आसपास यह कीमत 61 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने लोगों को परेशान किए रखा है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डीलर शशांक वत्स का कहना है कि अब समय आ गया कि लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करें। राष्ट्रहित में यह जरूरी है।
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जीएसटी को आर्थिक क्षेत्र में सबसे बड़े सुधारात्मक कदम बताने वाली मोदी सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी से बाहर रखा है। क्योंकि जीएसटी में अधिकतम 28 फीसद का ही टैक्स लगाया जा सकता था, जबकि अभी पेट्रोल पर 45 फीसदी तक का टैक्स लग रहा है। इस बारे में कर एवं वित्त सलाहकार पवन जायसवाल जायसवाल का कहना है कि यह बात सही है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम गिरे हैं। सरकार ने जो रकम उसमें से बचाई, उसे उसने उज्ज्वला कनेक्शन में खर्च किया है। जीएसटी की 25 वीं काउंसिल की बैठक में भी चर्चा हुई थी कि पेट्रोल-डीजल के दाम इसके दायरे में लाए जाए। उम्मीद की जा सकती है कि इस बार के आम  बजट में ऐसा कुछ देखने को मिले।


इस तरह से हो रही बढ़ोत्तरी
माह    डीजल (दाम प्रति लीटर)    पेट्रोल (दाम प्रति लीटर)
01 जुलाई 2017    55.01    66.51
01 अक्तूबर 2017    59.95    72.77
01  दिसंबर 2017    59.50    71.56
01 जनवरी 2018    60.62    72.15
10 जनवरी 2018    61.57    72.66
20 जनवरी 2018    63.12    73.66
29 जनवरी 2018    64.24    74.41

‘इस माह क्रूड ऑयल के दाम में थोड़ा इजाफा हुआ है। इसी  वजह से तेल कंपनियों को दाम  बढ़ाने पड़े हैं। दाम और न बढ़े, इस दिशा में सरकार काम कर रही है।’
किशोर सोनक, चीफ डिवीजनल रिटेल सेल्स मैनेजर, आईओसी।
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