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इविवि के ऑर्डिनेंस में बदलाव की तैयारी
Thu, 07 Mar 2019 10:13 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 07 Mar 2019 10:13 PM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के संघटक कॉलेजों में पीएचडी प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय के ऑर्डिनेंस में बदलाव की तैयारी चल रही है। शुक्रवार को होने वाली इविवि की कार्यपरिषद की बैठक में इस बाबत प्रस्ताव रखा जा सकता है। ऑर्डिनेंस में यूजीसी के 2016 के रेगुलेशन को भी शामिल किए जाने की तैयारी है। ऐसा होने पर इविवि एवं संघटक कॉलेजों में पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया भी बदलेगी।
इविवि में पीएचडी प्रवेश यूजीसी के 2008 के रेगुलेशन के आधार पर होता रहा है। इस बीच कॉलेजों में भी पीएचडी में प्रवेश के लिए इविवि प्रशासन ने मुहर लगा दी लेकिन इविवि के ऑर्डिनेंस में यह व्यवस्था न होने के कारण कॉलेजों में पीएचडी शुरू करने की प्रक्रिया अटक गई है, सो इसके लिए इविवि को अपने ऑर्डिनेंस में बदलाव करना होगा। इसके अलावा एक अन्य बदलाव की तैयारी है। यूजीसी ने वर्ष 2016 में रिसर्च प्रवेश के लिए नया रेगुलेशन जारी किया था लेकिन इविवि के ऑर्डिनेंस में इस रेगुलेशन को शामिल नहीं किया गया है। इसे भी ऑर्डिनेंस में शामिल करने के लिए कार्यपरिषद में प्रस्ताव लाने की तैयारी है।
शुक्रवार को होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में इस बाबत भी प्रस्ताव रखा जा सकता है। हालांकि ऑर्डिनेंस में बदलाव के बाद पीएचडी में प्रवेश की प्रक्रिया भी बदलेगी। अब तक पीएचडी में प्रवेश के लिए पीजी में न्यूनतम अर्हता अंक की कोई बाध्यता नहीं है लेकिन नई व्यवस्था में अनारक्षित वर्ग के लिए 50 फीसदी एवं आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 45 फीसदी अंक की अनिवार्यता होगी। साथ ही जेआरएफआर वालों को भी इंटरव्यू से पहले टेस्ट देना होगा जबकि वर्तमान में जेआरएफ वालों को टेस्ट से छूट मिली हुई है। उन्हें केवल इंटरव्यू देना होता है।
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इविवि में पीएचडी प्रवेश यूजीसी के 2008 के रेगुलेशन के आधार पर होता रहा है। इस बीच कॉलेजों में भी पीएचडी में प्रवेश के लिए इविवि प्रशासन ने मुहर लगा दी लेकिन इविवि के ऑर्डिनेंस में यह व्यवस्था न होने के कारण कॉलेजों में पीएचडी शुरू करने की प्रक्रिया अटक गई है, सो इसके लिए इविवि को अपने ऑर्डिनेंस में बदलाव करना होगा। इसके अलावा एक अन्य बदलाव की तैयारी है। यूजीसी ने वर्ष 2016 में रिसर्च प्रवेश के लिए नया रेगुलेशन जारी किया था लेकिन इविवि के ऑर्डिनेंस में इस रेगुलेशन को शामिल नहीं किया गया है। इसे भी ऑर्डिनेंस में शामिल करने के लिए कार्यपरिषद में प्रस्ताव लाने की तैयारी है।
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शुक्रवार को होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में इस बाबत भी प्रस्ताव रखा जा सकता है। हालांकि ऑर्डिनेंस में बदलाव के बाद पीएचडी में प्रवेश की प्रक्रिया भी बदलेगी। अब तक पीएचडी में प्रवेश के लिए पीजी में न्यूनतम अर्हता अंक की कोई बाध्यता नहीं है लेकिन नई व्यवस्था में अनारक्षित वर्ग के लिए 50 फीसदी एवं आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 45 फीसदी अंक की अनिवार्यता होगी। साथ ही जेआरएफआर वालों को भी इंटरव्यू से पहले टेस्ट देना होगा जबकि वर्तमान में जेआरएफ वालों को टेस्ट से छूट मिली हुई है। उन्हें केवल इंटरव्यू देना होता है।
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