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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj: Yogi Adityanath call from Mahakumbh - Country will remain united with unity

Prayagraj : महाकुंभ से मुख्यमंत्री योगी का आह्वान- एकता से अखंड रहेगा देश, विश्व भर में पहुंचे सनातन का संदेश

Sun, 26 Jan 2025 01:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 26 Jan 2025 01:05 AM IST
सार

देश के कोने कोने से आए संतों और धर्माचार्यों के सानिध्य में मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म की एकता और इसकी अखंडता को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

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Prayagraj: Yogi Adityanath call from Mahakumbh - Country will remain united with unity
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को महाकुम्भ में आयोजित विश्व हिंदू परिषद के विराट संत सम्मेलन में हिसा लिया। देश के कोने कोने से आए संतों और धर्माचार्यों के सानिध्य में मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म की एकता और इसकी अखंडता को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने इस मंच से महाकुम्भ को सनातन धर्म की अद्भुत ऊर्जा और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बताते हुए पूरे विश्व में इसके संदेश को पहुंचाने का संकल्प लिया।

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महाकुम्भ सनातन परंपरा की जीवंत धारा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महाकुम्भ को विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा की विराटता और दिव्यता का प्रमाण है। उन्होंने 45 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन को भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति का द्योतक बताया। उन्होंने बताया कि अब तक 10 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया है और आगामी दिनों में यह संख्या 45 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।
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संतों का आशीर्वाद भारत की उन्नति का आधार
मुख्यमंत्री ने संतों के आशीर्वाद को भारत की उन्नति का आधार बताया और कहा कि संतों के मार्गदर्शन और उनके संकल्पों के परिणामस्वरूप अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण संभव हो सका। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में अयोध्या में 2.36 लाख श्रद्धालु आए थे, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 12 से 15 करोड़ हो गई है। अविरल और निर्मल गंगा इन पूज्य संतों की साधना का ही परिणाम है।
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सनातन धर्म एकता और सहिष्णुता का प्रतीक
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म की जड़ें इतनी गहरी हैं कि यह किसी एक संप्रदाय, जाति या क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यह धर्म सभी उपासना विधियों को समान सम्मान देता है। यही कारण है कि सिख गुरुओं, जैन मुनियों और अन्य संत परंपराओं के अनुयायियों ने भी सनातन धर्म की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म एक विराट वटवृक्ष है। इसे जाति, क्षेत्र, भाषा या संप्रदाय के आधार पर बांटा नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने गुरु गोविंद सिंह, गुरु तेग बहादुर और अन्य महान संतों के बलिदानों का स्मरण करते हुए कहा कि इन सभी ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

अयोध्या, काशी और प्रयागराज का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज के महाकुम्भ के दिव्य और भव्य आयोजन को सरकार और संतों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, आज अयोध्या में राम मंदिर बनकर तैयार है तो काशी विश्वनाथ धाम एक नए स्वरूप में दुनिया के सामने है। इसी के साथ प्रयागराज में महाकुम्भ की भव्यता ने पूरे विश्व का ध्यान खींचा है। यह सब संतों की प्रेरणा और सनातन धर्म के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है।

आधुनिक भारत में रामराज्य की परिकल्पना
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे कल्याणकारी कार्यक्रमों को रामराज्य का आधुनिक स्वरूप बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चार करोड़ गरीबों को घर, 12 करोड़ किसानों को सम्मान निधि, 10 करोड़ परिवारों को मुफ्त एलपीजी और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया गया है। यह भारत के आर्थिक और सामाजिक उत्थान का उदाहरण है।

वर्ल्ड क्लास संस्थान और उद्योग किए जा रहे स्थापित
सीएम योगी ने कहा कि भारत विकास के बड़े-बड़े कार्यों के जरिए तेजी से आगे बढ़ा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहे हैं। वर्ल्ड क्लास संस्थान और उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। उत्कृष्ट विश्वविद्यालयों का निर्माण हो रहा है। साथ ही गरीबों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें मुफ्त भोजन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

संतों के योगदान का स्मरण
मुख्यमंत्री ने अशोक सिंघल के साथ ही अन्य संतों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से विश्व हिंदू परिषद ने सनातन धर्म को एक वैश्विक मंच दिया। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज के महाकुम्भ की भव्यता उन्हीं के आशीर्वाद और नेतृत्व का परिणाम है।


महाकुम्भ से दुनिया को संदेश
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह पूरी दुनिया को सनातन धर्म के एकता, सहिष्णुता और अखंडता का संदेश देने का माध्यम है। इसका हर पहलू भारत की सांस्कृतिक शक्ति को प्रकट करता है। मुख्यमंत्री ने सभी संतों और श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि इस आयोजन से पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन धर्म की ऊर्जा का संदेश पहुंचाना चाहिए।

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