Prayagraj : यूजीसी के खिलाफ छात्रों और शिक्षकों का प्रदर्शन, कहा- सरकार फूट डालने का कर रही प्रयास
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से हाल ही में अधिसूचित ‘इक्विटी रेगुलेशन-2026’ और ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ प्रावधान के खिलाफ संगमनगरी में जमकर विरोध किया गया।
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से हाल ही में अधिसूचित ‘इक्विटी रेगुलेशन-2026’ और ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ प्रावधान के खिलाफ संगमनगरी में जमकर विरोध किया गया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र, जिले के अधिवक्ता और शिक्षाविद् इस प्रावधान के विरोध में उतर गए हैं। उन्होंने प्रावधानों को असांविधानिक और भेदभावपूर्ण कहा है।
वहीं, दूसरी ओर वैधानिक मंचों से इसे प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध बताया जा रहा है। इविवि के संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष और राजस्थान संस्कृत विवि के पूर्व कुलपति डॉ. रामसेवक दुबे ने इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि आरोपी पर ‘बर्डन ऑफ प्रूफ’ डालना प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है। छात्र की पहचान केवल विद्यार्थी की होनी चाहिए। लेकिन, यह प्रावधान छात्रों को जातियों में बांटकर माहौल को दूषित करेगा।
इविवि के छात्र हिमांशु सिंह ने कहा, अनुशासन संवाद से आता है, दंड से नहीं। उन्होंने कहा कि ये नियम छात्रों के बीच अविश्वास की दीवार खड़ी करेंगे। वहीं मृत्युंजय पांडे ने कहा कि परीक्षा से ठीक पहले की गई शिकायत मेधावी छात्रों का भविष्य बर्बाद कर सकती है। उन्होंने ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ को उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और योग्य शोधार्थियों के रोजगार के साथ समझौता बताया।
यूजीसी गो बैक के नारों से गूंजा इविवि
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बुधवार को सैकड़ों छात्रों ने छात्रसंघ भवन पर ‘यूजीसी गो बैक और यूजीसी रोलबैक’ के नारे लगाए। अमन मिश्रा के नेतृत्व में छात्रों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा और अधिनियम वापस लेने की मांग की। छात्रों ने कुलसचिव को पत्र देकर कहा, यह एक्ट सामान्य छात्रों में विद्वेष पैदा कर रहा है। जो इविवि के हित में नहीं है। प्रदर्शन में अनुराग मिश्रा, भावेश, ऋषभ, मयंक, विनायक, भव भारत सिंघल, सुजल सिंह और राहुल गोंड शामिल रहे।
अधिवक्ताओं ने बुलंद की आवाज
यूजीसी के प्रावधानों के खिलाफ अधिवक्ता विकेंद्र श्रीवास्तव, मनीष सिंह, आशुतोष त्रिपाठी, संजीव तिवारी, रवि शुक्ला, ललित ओझा और आनंद पांडे ने आवाज बुलंद की। उन्होंने इसे अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन बताया है। अधिवक्ताओं ने सरकार में मांग की है कि इन प्रावधानों को तत्काल वापस लिया जाए।
यूजीसी के खिलाफ पत्थर गिरजाघर पर प्रदर्शन आज
यूजीसी के नए प्रावधानों के विरोध में ब्राह्मण परिषद उत्तर प्रदेश की ओर से बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस में प्रदर्शन किया जाएगा।