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छात्र की हत्या पर बवाल: साढ़े 28 घंटे जाम, थाने पर पथराव, एंबुलेंस में तोड़फोड़; शुरू से आखिर तक पूरा घटनाक्रम
Wed, 30 Aug 2023 11:56 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 30 Aug 2023 11:56 AM IST
सार
प्रयागराज के खीरी में चचेरी बहन से छेड़खानी के विरोध पर सोमवार को 10वीं के छात्र सत्यम शर्मा(16) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा थानाध्यक्ष और चौकी इंचार्ज को पुलिस आयुक्त ने सस्पेंड कर दिया है।
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Prayagraj Student Murder
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रयागराज के खीरी में चचेरी बहन से छेड़खानी के विरोध पर 10वीं के छात्र सत्यम शर्मा (16) की हत्या के आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने और किशोर का शव लाने की मांग को लेकर साढ़े 28 घंटे तक परिजनों और ग्रामीणों ने खीरी बाजार में जाम लगाए रखा।
इसके साथ ही थाने पर पथराव और सरकारी एंबुलेंस में तोड़फोड़ भी की। मंगलवार को रात साढ़े नौ बजे के बाद जाम खत्म कराया जा सका। तुर्कपुरवा ग्राम प्रधान मो. यूसुफ समेत गैरसमुदाय के पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें तीन नाबालिग हैं।
इस मामले में प्रथमदृष्टया लापरवाही की बात सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त ने खीरी थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह व हल्का प्रभारी बप्पी सोनी को निलंबित कर दिया। अफसरों का कहना है कि मामले में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पूरेदत्तू गांव निवासी छात्र की सोमवार शाम चार बजे के करीब स्कूल से लौटते वक्त हत्या कर दी गई थी। पुलिस का दावा है कि छात्र को अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। एक घंटे बाद शाम पांच बजे के करीब ग्रामीणों-परिजनों ने खीरी बाजार में जाम लगा दिया।
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इसके साथ ही थाने पर पथराव और सरकारी एंबुलेंस में तोड़फोड़ भी की। मंगलवार को रात साढ़े नौ बजे के बाद जाम खत्म कराया जा सका। तुर्कपुरवा ग्राम प्रधान मो. यूसुफ समेत गैरसमुदाय के पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें तीन नाबालिग हैं।
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इस मामले में प्रथमदृष्टया लापरवाही की बात सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त ने खीरी थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह व हल्का प्रभारी बप्पी सोनी को निलंबित कर दिया। अफसरों का कहना है कि मामले में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पूरेदत्तू गांव निवासी छात्र की सोमवार शाम चार बजे के करीब स्कूल से लौटते वक्त हत्या कर दी गई थी। पुलिस का दावा है कि छात्र को अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। एक घंटे बाद शाम पांच बजे के करीब ग्रामीणों-परिजनों ने खीरी बाजार में जाम लगा दिया।
इससे खीरी- कोहड़ार व खीरी-कोरांव मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। रात भर मान-मनौव्वल चलता रहा, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। भोर में साढ़े तीन बजे के करीब पुलिस आयुक्त रमित शर्मा व डीएम संजय खत्री खीरी बाजार पहुंचे और लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खत्म करने को कहा।
थाने पर किया पथराव
इसके बाद कुछ लोग तो हट गए, लेकिन बहुत से लोग बाजार में ही बैठे रहे। सुबह 11 बजे के करीब भी शव नहीं पहुंचा तो परिजन और ग्रामीणों ने थाना घेर लिया। पुलिस ने उन्हें हटाना चाहा तो उन्होंने पथराव कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए अफरातफरी मची रही।
रात करीब नौ बजे किया गया अंतिम संस्कार
बाद में अधिकारियों और बड़े-बुजुगों के समझाने पर लोग माने तो, लेकिन थाने से हटकर फिर बाजार में पहुंचकर जाम लगा दिया। इस दौरान कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों में नोकझोंक भी हुई। उधर, रात करीब नौ बजे परिजनों को शहर बुलाकर दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार करा दिया गया।
इस प्रकरण में दोनों नामजद आरोपियों समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से तीन नाबालिग हैं। सभी से पूछताछ की जा रही है। मौके पर फोर्स तैनात है और शांति व्यवस्था कायम रखने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। -रमित शर्मा, पुलिस आयुक्त
प्रयागराज मामले का वीडियो
आंखों के सामने भाई को मार डाला
मंगलवार को मृत छात्र सत्यम की चचेरी बहन ने पूरा घटनाक्रम बताया। इस दौरान उसकी आंखें छलक पडीं। उसने बताया कि ‘हम प्रधान के घर के सामने पहुंचे ही थे कि स्कूल में पढ़ने वाले प्रधान के बेटे ने मेरा हाथ पकड़कर खींचा। सत्यम ने टोका तो उसका कॉलर पकड़ लिया। मैं कुछ कर पाती, इससे पहले ही आठ लोगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इसमें चार बाहरी थे, जिन्हें मैं नहीं जानती।
मंगलवार को मृत छात्र सत्यम की चचेरी बहन ने पूरा घटनाक्रम बताया। इस दौरान उसकी आंखें छलक पडीं। उसने बताया कि ‘हम प्रधान के घर के सामने पहुंचे ही थे कि स्कूल में पढ़ने वाले प्रधान के बेटे ने मेरा हाथ पकड़कर खींचा। सत्यम ने टोका तो उसका कॉलर पकड़ लिया। मैं कुछ कर पाती, इससे पहले ही आठ लोगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इसमें चार बाहरी थे, जिन्हें मैं नहीं जानती।
ग्राम प्रधान यूसुफ के सामने हुई वारदात
सत्यम को घेरकर लकड़ी के पटरे और सरिया से मारा गया। वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर गया और फिर नहीं उठा। मेरी आंखों के सामने मेरे भाई को मार डाला।’ जिस चचेरी बहन से छेड़खानी के विरोध पर सत्यम की हत्या हुई। उसने बताया कि जिस वक्त सत्यम को घेरकर हमला किया गया, ग्राम प्रधान यूसुफ पास ही खड़ा था। वह हमलावरों को उकसा रहा था। इस पर उसने प्रधान के पैर पकड़कर कहा कि उसके भाई को छोड़वा दे। लेकिन उसकी बात सुनने की बजाय उसने गाली देते हुए उसे लात से धकेल दिया।
सत्यम को घेरकर लकड़ी के पटरे और सरिया से मारा गया। वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर गया और फिर नहीं उठा। मेरी आंखों के सामने मेरे भाई को मार डाला।’ जिस चचेरी बहन से छेड़खानी के विरोध पर सत्यम की हत्या हुई। उसने बताया कि जिस वक्त सत्यम को घेरकर हमला किया गया, ग्राम प्रधान यूसुफ पास ही खड़ा था। वह हमलावरों को उकसा रहा था। इस पर उसने प्रधान के पैर पकड़कर कहा कि उसके भाई को छोड़वा दे। लेकिन उसकी बात सुनने की बजाय उसने गाली देते हुए उसे लात से धकेल दिया।
भाई लहूलुहान होकर गिरा तो वह उसे पकड़कर मदद की गुहार लगाने लगी लेकिन कोई आगे नहीं आया। वह मजबूर होकर खून से लथपथ भाई को पकड़कर तब तक बैठी रही जब तक कि पुलिस नहीं आई। उधर हमलावर भाग निकले।
दस्तखत करने का बनाया दबाव
मृतक की चचेरी बहन ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मी परिजनों के आने से पहले ही सत्यम को लेकर चले गए। इससे पहले एक कागज पर दस्तखत करने को भी कहा। उसने इन्कार किया तो कहा कि बिना दस्तखत किए इलाज नहीं शुरू हो पाएगा। जब उसने मना कर दिया तो उसे लेकर चले गए।
मृतक की चचेरी बहन ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मी परिजनों के आने से पहले ही सत्यम को लेकर चले गए। इससे पहले एक कागज पर दस्तखत करने को भी कहा। उसने इन्कार किया तो कहा कि बिना दस्तखत किए इलाज नहीं शुरू हो पाएगा। जब उसने मना कर दिया तो उसे लेकर चले गए।
पढ़ाई छुड़वा दी जाती, इसलिए नहीं की शिकायत
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधान का बेटा व उसके परिवार के युवक पहले भी दबंगई करते रहे हैं। स्कूल में गालीगलौज के साथ ही वह बात-बात पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। उन्होंने घटना से पहले स्कूल में भी सत्यम से गालीगलौज की थी और उसे बाहर देख लेने की धमकी भी दी थी। वह आते-जाते कमेंट भी करते थे। यह पूछने पर कि क्या पहले कभी पुलिस से उसने या उसके परिजनों ने शिकायत की, तो छात्रा ने कहा कि मम्मी-पापा पढ़ाई छुड़वा देते, इसलिए शिकायत नहीं की।
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधान का बेटा व उसके परिवार के युवक पहले भी दबंगई करते रहे हैं। स्कूल में गालीगलौज के साथ ही वह बात-बात पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। उन्होंने घटना से पहले स्कूल में भी सत्यम से गालीगलौज की थी और उसे बाहर देख लेने की धमकी भी दी थी। वह आते-जाते कमेंट भी करते थे। यह पूछने पर कि क्या पहले कभी पुलिस से उसने या उसके परिजनों ने शिकायत की, तो छात्रा ने कहा कि मम्मी-पापा पढ़ाई छुड़वा देते, इसलिए शिकायत नहीं की।