{"_id":"5d8684ce8ebc3e01346cc557","slug":"prayagraj-s-usha-will-be-on-kbc-s-hot-seat-on-monday-allahabad-news-ald255564076","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोमवार को केबीसी की हाट सीट पर होंगी प्रयागराज की उषा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोमवार को केबीसी की हाट सीट पर होंगी प्रयागराज की उषा
विज्ञापन
Prayagraj's Usha will be on KBC's Hot seat on Monday
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरूवा। मेजा के उरुवा ब्लाक की उषा यादव टीवी के चर्चित शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में हॉट सीट पर बैठेंगी। सोमवार के एपीसोड में उषा के शो को दर्शक देख सकेंगे। केबीसी से लौटने के बाद उषा खासा उत्साहित हैं। अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठने वाली उषा कहती हैं, यहां तक पहुंचना मेरे लिए किसी सपने की तरह था। पल भर के लिए तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि मैं केबीसी में अमिताभ बच्चन केसामने बैठी हूं।
बकौल उषा, उनका मायका मेजा के ही भसका गॉव में है। उन्होंने मेजारोड के नंद किशोर इंटर कालेज से बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद सिरसा के लाला लक्ष्मीनारायण डिग्री कालेज से स्नातक की परीक्षा और फिर संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से बीएड की पढाई पूरी की। वर्ष 2012 में पिता राधेश्याम यादव ने उनकी शादी उरुवा के रामनगर गॉव में धर्मेन्द्र यादव से कर दी ।
उषा ने बताया कि इस दौरान उन्होंने टीईटी की परीक्षा पास की। मेरे मन में हमेशा से यह रहा कि कुछ ऐसा करूं कि मेरा और परिवार का नाम रोशन हो। पति बहुत पहले से केबीसी के लिए प्रयास कर रहे थे। पहले मेरे पास एंड्रायड फोन नहीं था लेकिन फोन मिलने के बाद पति ने मुझसे भी प्रयास करने के लिए कहा। मैंने कोशिश शुरू करते हुए इसके लिए पंजीकरण कराया। फिर लखनऊ में मेरा ऑडिशन हुआ। वहां सफल होने केबाद मुंबई में फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट प्रोग्राम में बाजी मारकर हॉट सीट तक पहुंची। तकरीबन घंटे भर के प्रोग्राम के दौरान अमिताभ जी ने तरह-तरह के सवाल किए जिसका मैंने सफलतापूर्वक उत्तर दिया। आरंभ में यह बताने के बाद कि मैं प्रयागराज से हूं, अमिताभ जी बोले, अब मेरे जन्मस्थान से हैं, फिर तो प्रयागराज की आन बान शान आपके कंधों पर है। बिना चुनाव का नाम लिए उन्होंने यह भी बताया कि वह वर्ष 1984 में मेजा भी गए थे।
विज्ञापन
वहां मेरे पति के साथ ही मेरा बच्चा और मेरे ससुर जी भी थे। पति सहित पूरे परिवार का सहयोग न होता तो मैं यहां तक नहीं पहुंच सक ती थी। वापसी पर परिचितों, करीबियों, रिश्तेदारों की ओर से लगातार बधाइयां मिल रही हैं। मेजा की विधायक नीलम करवरिया सहित रामनगर के समाजसेवी नीरज यादव, भुसका के संतलाल सिंहं यादव आदि ने भी मेजा का नाम रोशन करने के लिये बधाई दी।
गवर्नमेंट प्रेस के विजयेंद्र प्रताप सिंह भी हो चुके हैं ‘केबीसी’ में शामिल
प्रयागराज। उषा से पहले अक्तूबर 2014 में नेता चौराहा, सोहबतियाबाग के निवासी और गवर्नमेंट प्रेस कर्मचारी विजयेंद्र प्रताप सिंह केबीसी की हॉट सीट पर पहुंचे थे। तब भी सवालों के दौरान अमिताभ ने पूरी आत्मीयता के साथ न सिर्फ प्रयागराज को याद किया था बल्कि यहां आने का वायदा करते हुए यहां से जुड़ी तमाम स्मृतियां भी साझा की थीं।
तब अमिताभ ने ही विजयेंद्र का परिचय कराया था, मेरे समय हॉट सीट पर प्रयागराज से विजयेंद्र प्रताप सिंह जी बैठे हैं, जो बहुत ही उत्साह में हैं तो विजयेंद्र बोले थे, जब दो ‘इलाहाबादी’ बैठते हैं तो कुछ अलग ही करते हैं।
फिर तो अमिताभ ने भी कहा था, हमारे प्रयागराज में ऐतिहासिक आनंद भवन, अल्फ्रेड पार्क, खुसरोबाग, पूर्व का गौरव इलाहाबाद विश्वविद्यालय है। यहां निराला, महादेवी, फिराक जैसे महान कवियों के बीच मेरे बाबूजी भी थे जो वहां पढ़ाते थे। आप की जानकारी के लिए बता दूं कि प्रयागराज ने देश को पांच-पांच प्रधानमंत्री दिए। इलाहाबादियों की खूबी है कि वे सपने बहुत देखते हैं। तो विजयेंद्र ने टोका था, सर, एक बात तो भूल ही गए और वह यह कि पूरी दुनिया का महानायक भी इलाहाबाद ने ही दिया है।
बातचीत में विजयेंद्र ने यह भी कहा था, सर, मैं आपके लिए प्रयागराज की ओर से एक शिकायत लेकर आया हूं। बात पूरी होने से पहले ही अमिताभ बोल उठे, मुझे पता है, यही न कि मैं वर्षों से वहां नहीं आया। विजयेंद्र बोले, आज मैं यहां हॉट सीट पर बैठकर पूरे प्रयागराजवासियों की ओर से आपसे अनुरोध करता हूं कि आप प्रयागराज आने का वायदा करें। अमिताभ ने कहा, मैं जल्द ही आऊंगा तो विजयेंद्र फिर बोले, सर, कैमरे के सामने वायदा कीजिए, फिर अमिताभ ने ऐसा ही किया। वापसी में विजयेंद्र ने उन्हें लाल कपड़े में बंधा ‘अक्षत’ भेंट किया, जिसे उन्होंने आत्मीयता से रख लिया। विजयेंद्र कहते हैं, शो तक पहुंचकर महानायक के साथ कुछ पल बिताना, करोड़ों रुपये से ज्यादा कीमती है।
विज्ञापन
बकौल उषा, उनका मायका मेजा के ही भसका गॉव में है। उन्होंने मेजारोड के नंद किशोर इंटर कालेज से बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद सिरसा के लाला लक्ष्मीनारायण डिग्री कालेज से स्नातक की परीक्षा और फिर संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से बीएड की पढाई पूरी की। वर्ष 2012 में पिता राधेश्याम यादव ने उनकी शादी उरुवा के रामनगर गॉव में धर्मेन्द्र यादव से कर दी ।
विज्ञापन
उषा ने बताया कि इस दौरान उन्होंने टीईटी की परीक्षा पास की। मेरे मन में हमेशा से यह रहा कि कुछ ऐसा करूं कि मेरा और परिवार का नाम रोशन हो। पति बहुत पहले से केबीसी के लिए प्रयास कर रहे थे। पहले मेरे पास एंड्रायड फोन नहीं था लेकिन फोन मिलने के बाद पति ने मुझसे भी प्रयास करने के लिए कहा। मैंने कोशिश शुरू करते हुए इसके लिए पंजीकरण कराया। फिर लखनऊ में मेरा ऑडिशन हुआ। वहां सफल होने केबाद मुंबई में फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट प्रोग्राम में बाजी मारकर हॉट सीट तक पहुंची। तकरीबन घंटे भर के प्रोग्राम के दौरान अमिताभ जी ने तरह-तरह के सवाल किए जिसका मैंने सफलतापूर्वक उत्तर दिया। आरंभ में यह बताने के बाद कि मैं प्रयागराज से हूं, अमिताभ जी बोले, अब मेरे जन्मस्थान से हैं, फिर तो प्रयागराज की आन बान शान आपके कंधों पर है। बिना चुनाव का नाम लिए उन्होंने यह भी बताया कि वह वर्ष 1984 में मेजा भी गए थे।
विज्ञापन
वहां मेरे पति के साथ ही मेरा बच्चा और मेरे ससुर जी भी थे। पति सहित पूरे परिवार का सहयोग न होता तो मैं यहां तक नहीं पहुंच सक ती थी। वापसी पर परिचितों, करीबियों, रिश्तेदारों की ओर से लगातार बधाइयां मिल रही हैं। मेजा की विधायक नीलम करवरिया सहित रामनगर के समाजसेवी नीरज यादव, भुसका के संतलाल सिंहं यादव आदि ने भी मेजा का नाम रोशन करने के लिये बधाई दी।
गवर्नमेंट प्रेस के विजयेंद्र प्रताप सिंह भी हो चुके हैं ‘केबीसी’ में शामिल
प्रयागराज। उषा से पहले अक्तूबर 2014 में नेता चौराहा, सोहबतियाबाग के निवासी और गवर्नमेंट प्रेस कर्मचारी विजयेंद्र प्रताप सिंह केबीसी की हॉट सीट पर पहुंचे थे। तब भी सवालों के दौरान अमिताभ ने पूरी आत्मीयता के साथ न सिर्फ प्रयागराज को याद किया था बल्कि यहां आने का वायदा करते हुए यहां से जुड़ी तमाम स्मृतियां भी साझा की थीं।
तब अमिताभ ने ही विजयेंद्र का परिचय कराया था, मेरे समय हॉट सीट पर प्रयागराज से विजयेंद्र प्रताप सिंह जी बैठे हैं, जो बहुत ही उत्साह में हैं तो विजयेंद्र बोले थे, जब दो ‘इलाहाबादी’ बैठते हैं तो कुछ अलग ही करते हैं।
फिर तो अमिताभ ने भी कहा था, हमारे प्रयागराज में ऐतिहासिक आनंद भवन, अल्फ्रेड पार्क, खुसरोबाग, पूर्व का गौरव इलाहाबाद विश्वविद्यालय है। यहां निराला, महादेवी, फिराक जैसे महान कवियों के बीच मेरे बाबूजी भी थे जो वहां पढ़ाते थे। आप की जानकारी के लिए बता दूं कि प्रयागराज ने देश को पांच-पांच प्रधानमंत्री दिए। इलाहाबादियों की खूबी है कि वे सपने बहुत देखते हैं। तो विजयेंद्र ने टोका था, सर, एक बात तो भूल ही गए और वह यह कि पूरी दुनिया का महानायक भी इलाहाबाद ने ही दिया है।
बातचीत में विजयेंद्र ने यह भी कहा था, सर, मैं आपके लिए प्रयागराज की ओर से एक शिकायत लेकर आया हूं। बात पूरी होने से पहले ही अमिताभ बोल उठे, मुझे पता है, यही न कि मैं वर्षों से वहां नहीं आया। विजयेंद्र बोले, आज मैं यहां हॉट सीट पर बैठकर पूरे प्रयागराजवासियों की ओर से आपसे अनुरोध करता हूं कि आप प्रयागराज आने का वायदा करें। अमिताभ ने कहा, मैं जल्द ही आऊंगा तो विजयेंद्र फिर बोले, सर, कैमरे के सामने वायदा कीजिए, फिर अमिताभ ने ऐसा ही किया। वापसी में विजयेंद्र ने उन्हें लाल कपड़े में बंधा ‘अक्षत’ भेंट किया, जिसे उन्होंने आत्मीयता से रख लिया। विजयेंद्र कहते हैं, शो तक पहुंचकर महानायक के साथ कुछ पल बिताना, करोड़ों रुपये से ज्यादा कीमती है।