फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj's Pratyusha became flying officer

प्रयागराज की बेटी प्रत्याशा बनीं फ्लाइंग अफसर

Fri, 07 Aug 2020 12:48 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2020 12:48 AM IST
विज्ञापन
Prayagraj's Pratyusha became flying officer
Prayagraj's Pratyusha became flying officer
-पिता का अधूरा सपना पूरा करने के लिए बचपन से ही एयरफोर्स में जाने की ठान ली थी
विज्ञापन

-एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की मैकेनिकल शाखा के लिए हुआ दारागंज की प्रत्याशा का चयन
प्रयागराज। संगम नगरी से होनहारों के निकलने का सिलसिला जारी है। पहले इन होनहारों ने सिविल सेवा में सफलता का परचम लहराया और अब प्रयागराज की बेटी प्रत्याशा शुक्ला एयर फोर्स में फ्लाइंग अफसर बनने जा रही हैं। एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट में उनका चयन हो गया है और इसी माह से उनकी ट्रेनिंग शुरू होने जा रही है। प्रत्याश का कहना है कि उन्होंने एयरफोर्स से रिटायर्ड अपने पिता का अधूरा सपना पूरा किया है।
दारागंज में रहने वाली प्रत्याशा ने कई चरणों में इस कठिन परीक्षा को पास किया। वह सितंबर 2019 में एयरफोर्स कॉनस एडमिशन टेस्ट में शामिल हुईं थी। इस परीक्षा में सफलता के बाद उन्हें मैसूर में हुई एसएसबी में शामिल होना पड़ा। पांच दिन तक चली एसएसबी में सफलता हासिल करने के बाद प्रत्याशा मेडिकल टेस्ट के लिए बंगलुरू गईं और वहां कई चरणों में उनका मेडिकल परीक्षण हुआ। हर तरह से फिट होने के बाद उन्हें अंतिम रूप से चयनित घोषित किया गया। अब वह एसोनॉटिकल इंजीनियरिंग की मैकेनिकल शाखा में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी और इसके बाद एयरफोर्स में फ्लाइंग अफसर की पोस्ट मिलेगी। प्रत्याशा के पिता प्रियबृत शुक्ला वायुसेना में एयरमैन के पद तैनात थे। वहां से उन्होंने ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली और अब सीडीए पेंशन में सीनियर ऑडिटर हैं।
विज्ञापन

वहीं, मां प्रतिभा शुक्ला महाप्रभू पब्लिक स्कूल में हिंदी एवं संस्कृत की टीचर हैं। प्रत्याशा ने हाईस्कूल एवं इंटर की पढ़ाई महर्षि पतंजलि इंटर कॉलेज से पूरी की। इसके बाद राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक किया। प्रत्याशा का कहना है कि उनके पिता हमेशा से एयरफोर्स में अफसर बनना चाहते थे लेकिन एक्सीडेंट के कारण में वह अनफिट हो गए। प्रत्याशा ने बपचन में ही यह ठान लिया था कि पिता का अधूरा सपना पूरा करेंगी। प्रत्याशा दारागंज में संयुक्त परिवार में रहती हैं। पिछले दिनों उनके परिवार के दस सदस्य कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। सभी की जांच करवाने, एडमिट करवाने से लेकर डिस्चार्ज करवाने तक में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। आज उनका परिवार कोरोना त्रासदी से मुक्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed