प्रयागराज : माघ मेला के लिए 59 करोड़ रुपये मंजूर, प्रोटोकाल के पालन के साथ भव्य आयोजन का सीएम ने दिया निर्देश
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माघ मेला आयोजन पर इस वर्ष 59 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक में बजट को मंजूरी दी। उन्होंने कोविड प्रोटोकाल का पालन सुनिश्चित करते हुए भव्य आयोजन के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य सचिव के स्तर पर तैयारियों की नियमित समीक्षा का भी निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने बैठक में माघ मेला आयोजन के स्वरूप पर चर्चा की। इसमें मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, आयोजन से जुड़े सभी संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त संजय गोयल, डीएम संजय कुमार खत्री मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने छह सेक्टर में बसने वाले मेले के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मेला प्रशासन की ओर से आयोजन के लिए करीब 67 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए थे। डीएम ने बताया कि इनमें से 59 से 60 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मुख्यमंत्री स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने गंगा जल की अविरलता और निर्मलता पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने नदी में जाने वाले सभी नालों को बंद करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने संतों, श्रद्धालुओं, पर्यटकों के लिए सभी तरह की सुविधाएं, सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोशिश की जाए कि मेले में आने वाले सभी को कोविड टीका लगा हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव के स्तर पर मेले की तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने आयोजन की बाबत अन्य निर्देश भी दिए।
मेले में एडीएम स्तर के अफसर की होगी तैनाती
माघ मेला में एडीएम स्तर के अफसर की तैनाती की जाएगी। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रशासन की ओर से मेला के लिए एडीएम स्तर के अतिरिक्त अफसर की तैनाती की मांग की गई, जिसे मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री ने अफसरों को आयोजन एवं सुरक्षा के मद्देनजन नोडल की नियुक्ति के भी निर्देश दिए।
माघ मेला के लिए भूमि आवंटन 15 दिसंबर से
माघ मेला -2022 के लिए भूमि आवंटन 15 दिसंबर से आरंभ होगा। इसके बाद संगम की रेती पर महीने भर के लिए मेला बसाने के लिए शिविर लगाने का काम शुरू हो जाएगा। गंगा में जल अधिक होने और दलदल बने रहने की वजह से इस बार मेले की तैयारियां देर से शुरू हुई हैं। ऐसे में कम समय को देखते हुए एसडीएम मेला संत कुमार ने भूमि आवंटन के लिए तिथि जारी कर दी। इस बार मेले के लिए तीन हजार से अधिक संस्थाओं ने आवेदन किया है। इस बार नई संस्थाओं को जमीन आवंटन किया जाएगा या नहीं इस बारे में निर्णय अभी नहीं हो सका है।