प्रयागराज पुलिस : पांच करोड़ की चोरी में पांच साल से वांछित, इनाम महज 25 हजार
पांच करोड़ चोरी की घटना का खुलासा 13 दिन बाद पुलिस ने झारखंड के साहिबगंज जिले के कुख्यात चोर गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार करके किया। इसके बाद दो अन्य गिरफ्तार किए गए, जबकि सरगना हसन चिकना को झारखंड पुलिस ने मुंबई में गिरफ्तार किया।
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शहर में पांच करोड़ की चोरी की वारदात में दर्ज केस की विवेचना पांच साल में भी पूरी नहीं हो सकी है। हाल यह है कि मुकदमे के दो आरोपी अब भी फरार हैं, लेकिन उन्हें पकड़ा नहीं जा सका है। यहां तक कि इन पांच सालों में उन पर इनाम की राशि भी नहीं बढ़ाई जा सकी।
दो दिन बाद हुई थी घटना की जानकारी
सिविल लाइंस में हुई इस घटना की जानकारी दो दिन बाद हो सकी थी। रोज की तरह 27 अप्रैल 2018 की शाम को भी कर्मचारी बैंक बंद कर चले गए। तीन दिन छुट्टी थी। एक मई को बैंक खुलने पर कर्मचारी पहुंचे तो भीतर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। बैंक के 17 लॉकर काटकर उनमें रखे जेवरात व नकदी समेत करीब पांच करोड़ का माल चोरी कर लिया गया था।
नौ जेल भेजे गए, दो अब तक नहीं मिले
इस घटना का खुलासा 13 दिन बाद पुलिस ने झारखंड के साहिबगंज जिले के कुख्यात चोर गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार करके किया। इसके बाद दो अन्य गिरफ्तार किए गए, जबकि सरगना हसन चिकना को झारखंड पुलिस ने मुंबई में गिरफ्तार किया। गैंग के सदस्याें से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर मुख्तार व लवरेज निवासी साहिबगंज झारखंड का नाम भी मुकदमे में शामिल किया गया। कुछ दिनों बाद ही उन पर 25 हजार का इनाम भी घोषित हुआ, लेकिन इसके बाद कार्रवाई अटक गई। हाल यह है कि पकड़ पाना तो दूर विवेचना में जुटी क्राइम ब्रांच आरोपियों पर इनाम की राशि भी नहीं बढ़वा पाई है।
,कस्टडी रिमांड पर नहीं लिया जा सका सरगना
यूको बैंक में पांच करोड़ की चोरी की वारदात में भले ही नौ आरोपी गिरफ्तार हो चुके हों, लेकिन इससे जुड़े कई राज अनसुलझे ही रहे। यही वजह थी कि तत्कालीन अफसरों ने बताया था कि सरगना हसन चिकना को कस्टडी रिमांड पर लेकर उससे राज उगलवाए जाएंगे। लेकिन यह दावा खोखला साबित हुआ। मुंबई से चिकना को गिरफ्तार कर झारखंड पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। इसके बाद जिला पुलिस ने उसे तलब कराकर वारंट बनवाया व दिसंबर 2021 में चार्जशीट दाखिल कर दी। लेकिन उसे कस्टडी रिमांड पर नहीं लिया जा सका।
मुकदमे के संबंध में अद्यतन जानकारी विवेचक ही दे सकता है। उनसे ही इस बारे में पूछकर आगे की कार्रवाई कराई जाएगी। - सतीश चंद्र, एडीसीपी अपराध